Bhagalpur में कम बारिश की वजह से किसानों ने बोई अरहर, धान से पहले पूरी हुई बुआई
Bhagalpur: जिले में इस साल बारिश कम होने की वजह से खेती के तरीकों में बदलाव देखा गया है। किसानों ने धान की फसल से पहले ही अरहर के बीजों की बुआई पूरी कर ली है। खरीफ सीजन के दौरान जिले में लगभग 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में अर
Bhagalpur: जिले में इस साल बारिश कम होने की वजह से खेती के तरीकों में बदलाव देखा गया है। किसानों ने धान की फसल से पहले ही अरहर के बीजों की बुआई पूरी कर ली है। खरीफ सीजन के दौरान जिले में लगभग 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर की खेती की गई है।
जिला कृषि पदाधिकारी, भागलपुर (कृषि भवन, तिलकामांझी) ने 5 अगस्त 2026 को जारी एक प्रेस रिलीज (मेमो नंबर 2107) में इसकी जानकारी दी है। इस साल मानसून की शुरुआत कमजोर रही है, जिसका असर बिहार समेत देश के कई हिस्सों में दिखा है। 1 अगस्त 2026 तक देश में औसत बारिश से 12 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी।
कम बारिश और एल नीनो (El Niño) के प्रभाव को देखते हुए ICAR-IARI के वैज्ञानिकों ने किसानों को अरहर जैसी फसलों को समय पर बोने की सलाह दी थी। अरहर की फसल कम नमी में भी जीवित रह सकती है, जिससे जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। विशेषज्ञों ने बेहतर पैदावार के लिए प्रमाणित एजेंसियों से अच्छी गुणवत्ता वाले बीज इस्तेमाल करने पर जोर दिया है।
केंद्र सरकार ने भी किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अरहर और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की है। हालांकि, राष्ट्रीय स्तर पर इस साल दालों की बुआई में पिछले साल के मुकाबले 6.3 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन भागलपुर के किसानों ने अपनी रणनीति बदल कर अरहर को प्राथमिकता दी है।