Bhagalpur में अजगैबीनाथ एयरपोर्ट के लिए शुरू होगा मिट्टी का सर्वे, अब तय होगा रनवे और टर्मिनल का डिजाइन
Bhagalpur: जिले में प्रस्तावित अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में तैयारी तेज हो गई है। RITES Limited ने मिट्टी की जांच यानी जियो-टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस सर्वे की रिपोर्ट
Bhagalpur: जिले में प्रस्तावित अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण की दिशा में तैयारी तेज हो गई है। RITES Limited ने मिट्टी की जांच यानी जियो-टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इस सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि एयरपोर्ट का रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग और अन्य जरूरी ढांचे का डिजाइन कैसा होगा। इसके बाद प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।
RITES Limited के अधिकारियों ने बताया कि काम मिलने के पांच दिन के भीतर एजेंसी को अपनी टीम तैनात करनी होगी और 15 दिनों में फील्ड निरीक्षण पूरा करना होगा। इस प्रक्रिया में जमीन के नीचे छह मीटर तक गहराई से मिट्टी के सैंपल लिए जाएंगे। मिट्टी की मजबूती, नमी और घनत्व की वैज्ञानिक जांच की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि जमीन हवाई जहाज के वजन और भारी निर्माण को सह पाएगी या नहीं। यह काम जुलाई में शुरू होने की उम्मीद है और रिपोर्ट 25 दिनों में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस एयरपोर्ट के लिए कुल 931 एकड़ जमीन तय की गई है। सर्वे के दौरान प्रस्तावित क्षेत्र में 65 अलग-अलग जगहों पर बोरवेल ड्रिलिंग की जाएगी। जांच के बाद RITES को आठ हिस्सों में एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसमें मिट्टी को बेहतर बनाने और रनवे की मजबूती से जुड़े सुझाव शामिल होंगे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अनुमानित लागत | 432.32 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट में 472 करोड़) |
| कुल जमीन | 931 एकड़ |
| सर्वे के बिंदु | 65 लोकेशन पर बोरवेल ड्रिलिंग |
| मिट्टी की गहराई | 6 मीटर तक सैंपल |
| लाभान्वित क्षेत्र | भागलपुर, बांका और मुंगेर |
बिहार कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए RITES Ltd की नियुक्ति और 5.06 करोड़ रुपये की कंसल्टेंसी फीस को मंजूरी दी है। यह एयरपोर्ट सुल्तानगंज के अजगैबीनाथ धाम क्षेत्र में बनेगा, जिससे न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि श्रावणी मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी। बिहार के नागरिक उड्डयन विभाग और जिला प्रशासन इस प्रोजेक्ट की तकनीकी और प्रशासनिक रिपोर्ट तैयार करने में जुटे हैं।