Bhagalpur को बड़ी सौगात, 6 प्रखंडों में खुले नए सरकारी डिग्री कॉलेज, अब गांव के बच्चों को घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में अब पढ़ाई-लिखाई की सूरत बदलने वाली है। सरकार ने ग्रामीण छात्रों और छात्राओं को घर के पास ही अच्छी शिक्षा देने के लिए जिले के छह प्रखंडों में नए राजकीय डिग्री कॉलेजों

Bhagalpur: बिहार के भागलपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में अब पढ़ाई-लिखाई की सूरत बदलने वाली है। सरकार ने ग्रामीण छात्रों और छात्राओं को घर के पास ही अच्छी शिक्षा देने के लिए जिले के छह प्रखंडों में नए राजकीय डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की है। इससे उन बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें अब तक डिग्री के लिए शहर या बाहर जाना पड़ता था।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 जुलाई, 2026 को गोराडीह से राज्य के कुल 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों का उद्घाटन किया। भागलपुर के इस्माईलपुर, गोपालपुर, पीरपैंती, गोराडीह, खरीक और रंगरा चौक प्रखंडों में ये कॉलेज खोले गए हैं। उद्घाटन के साथ ही इन कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-30 की कक्षाएं भी विधिवत शुरू हो गई हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार का मकसद हर प्रखंड तक उच्च शिक्षा पहुँचाना है ताकि बेटियों को पढ़ाई के लिए दूर न जाना पड़े। यह कदम बिहार सरकार के “सात निश्चय-III” कार्यक्रम के “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” लक्ष्य के तहत उठाया गया है। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने जानकारी दी कि नए सत्र के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

गोराडीह स्थित कॉलेज तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अंतर्गत चलेगा। फिलहाल इन कॉलेजों में अस्थायी तौर पर प्लस-टू स्कूलों या अन्य सरकारी भवनों में कक्षाएं लग रही हैं। बुनियादी सुविधाओं के लिए हर कॉलेज को 50 लाख रुपये दिए गए हैं। पहले सत्र में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र जैसे छह विषयों में स्नातक की पढ़ाई होगी।

शिक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने भागलपुर के लिए कुछ और बड़ी घोषणाएं भी की हैं। जिले में एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी। इसके अलावा, भागलपुर में करीब 400 एकड़ जमीन पर एक इंडस्ट्रियल एरिया यानी औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा।

कॉलेजों के संचालन के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के जरिए 3,687 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सिविल कार्यों की जिम्मेदारी बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम को सौंपी गई है। गोपालपुर समेत अन्य प्रखंडों के कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने से स्थानीय लोगों और छात्रों में काफी खुशी है।