Bengaluru, Hyderabad में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस की सख्ती, सैकड़ों लोगों के कटे चालान

Bengaluru/Hyderabad: दक्षिण भारत के बड़े शहरों में ट्रैफिक पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने और ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। बेंगलुरु, हैदराबाद और साइबरबाद में पुलिस ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह

Bengaluru/Hyderabad: दक्षिण भारत के बड़े शहरों में ट्रैफिक पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाने और ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। बेंगलुरु, हैदराबाद और साइबरबाद में पुलिस ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह स्पेशल ड्राइव चलाई, जिसमें सैकड़ों मोटर चालकों को पकड़ा गया। पुलिस ने साफ कर दिया है कि सड़क पर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

Bengaluru Traffic Police ने एक हफ्ते तक चले विशेष अभियान में कुल 732 केस शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए दर्ज किए। इसके अलावा, रफ्तार की सीमा तोड़कर गाड़ी चलाने वाले 57 लोगों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके।

वहीं हैदराबाद और साइबरबाद में भी पुलिस काफी सख्त नजर आई। 3 और 4 जुलाई को चले दो दिवसीय अभियान में कुल 502 लोगों को शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया। इनमें से अकेले हैदराबाद पुलिस ने 312 केस दर्ज किए, जिनमें 245 टू-व्हीलर, 35 थ्री-व्हीलर और 32 फोर-व्हीलर सवार शामिल थे। चौंकाने वाली बात यह है कि 11 लोगों के खून में अल्कोहल की मात्रा 300 mg/100 ml से ज्यादा पाई गई।

साइबरबाद ट्रैफिक पुलिस ने भी वीकेंड पर 190 लोगों को पकड़ा, जिनमें 154 टू-व्हीलर सवार थे। यहाँ 32 लोगों का BAC लेवल 200 mg/100 ml से ऊपर था। इसके साथ ही साइबरबाद की अदालतों ने 29 जून से 4 जुलाई के बीच शराब पीकर गाड़ी चलाने के 376 मामलों का निपटारा किया। इनमें से 10 लोगों को जेल और जुर्माना मिला, 4 को जुर्माने के साथ सामाजिक सेवा की सजा दी गई, जबकि 362 लोगों पर सिर्फ जुर्माना लगाया गया।

ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, शराब पीकर गाड़ी चलाना गंभीर अपराध है। अगर नशे की हालत में गाड़ी चलाने से किसी की मौत होती है, तो भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 के तहत मामला दर्ज होगा। इसमें दोषी को 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें ताकि सबकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।