Mumbai में खाना खरीदने निकली महिला को जबरन बांग्लादेश भेजा, परिवार ने दिए थे वोटर आईडी और बर्थ सर्टिफिकेट
Maharashtra: मुंबई के नवी मुंबई इलाके में रहने वाली एक बंगाली महिला साहिदा फकीर को पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लेकर जबरन बांग्लादेश भेज दिया। यह घटना तब हुई जब साहिदा सिर्फ खाना खरीदने के लिए घर से बाहर
Maharashtra: मुंबई के नवी मुंबई इलाके में रहने वाली एक बंगाली महिला साहिदा फकीर को पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लेकर जबरन बांग्लादेश भेज दिया। यह घटना तब हुई जब साहिदा सिर्फ खाना खरीदने के लिए घर से बाहर निकली थीं। उनके परिवार का आरोप है कि भारतीय नागरिक होने के तमाम सबूत देने के बाद भी उन्हें बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के सीमा पार भेज दिया गया।
घटना 18 जुलाई 2026 की है, जब मुंबई पुलिस की चेंबूर क्राइम ब्रांच ने नवी मुंबई से साहिदा फकीर को पकड़ा। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी जब्त कर लिया। साहिदा के पति जुम्मन फकिर ने पुलिस को उनका बर्थ सर्टिफिकेट, स्कूल सर्टिफिकेट, वोटर आईडी कार्ड और जमीन के कागजात सौंपे थे, लेकिन पुलिस ने इन दस्तावेजों को नाकाफी बताया और उनके माता-पिता के जन्म प्रमाण पत्र की मांग की।
23 जुलाई 2026 को परिवार को पता चला कि साहिदा को बांग्लादेश भेज दिया गया है। साहिदा का कहना है कि बिना किसी जांच, नोटिस या कोर्ट ऑर्डर के उन्हें बांग्लादेशी घोषित कर दिया गया और फिर BSF के हवाले कर दिया गया। मानवाधिकार संगठन MASUM ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी बताया है और भारत सरकार से उनकी वापसी की मांग की है।
31 जुलाई 2026 को खबर आई कि साहिदा बांग्लादेश के सतखिरा में एक परिवार के पास शरण लिए हुए हैं। साहिदा मूल रूप से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर की रहने वाली हैं और पिछले 20 सालों से अपने परिवार के साथ नवी मुंबई में रह रही थीं।
इस मामले में Scroll.in ने मुंबई और नवी मुंबई पुलिस कमिश्नर से जवाब मांगा था, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। वहीं बांग्लादेश के कलरोआ पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने इस मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। अब साहिदा का परिवार उन्हें वापस लाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है।