Bihar: बेगूसराय जिले के प्राथमिक विद्यालय उलाव में बच्चों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने के लिए एक खास पहल की गई है। यहाँ डिजिटल EVM के जरिए बाल संसद का गठन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों ने ई-वोटिंग के माध्यम से अपने प्रतिनि
Bihar: बेगूसराय जिले के प्राथमिक विद्यालय उलाव में बच्चों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने के लिए एक खास पहल की गई है। यहाँ डिजिटल EVM के जरिए बाल संसद का गठन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों ने ई-वोटिंग के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया। इस डिजिटल प्रक्रिया ने बच्चों के बीच काफी उत्साह देखा।
डिजिटल EVM से चुनाव कराने का क्या उद्देश्य है?
इस पहल का मुख्य मकसद बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बारीकियों को समझाना है। स्कूल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के चुनाव से बच्चों में नेतृत्व करने की क्षमता बढ़ेगी और उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा। यह प्रयोग बच्चों को यह सिखाता है कि वोट देना और सही प्रतिनिधि चुनना क्यों जरूरी है।
बाल संसद स्कूल की व्यवस्था में कैसे मदद करेगी?
चुने हुए प्रतिनिधि अब बाल संसद के रूप में स्कूल की व्यवस्था को सुधारने में सहयोग करेंगे। बच्चे अपनी समस्याओं और सुझावों को संसद के माध्यम से रखेंगे, जिससे स्कूल के माहौल में सकारात्मक बदलाव आएगा। बिहार के अन्य जिलों जैसे दरभंगा और बड़हरिया में भी इसी तरह के EVM ऐप आधारित चुनाव की खबरें आई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्राथमिक विद्यालय उलाव में बाल संसद का चुनाव कैसे हुआ?
प्राथमिक विद्यालय उलाव में बाल संसद का चुनाव डिजिटल EVM और ई-वोटिंग के जरिए किया गया, जिससे बच्चों ने अपने प्रतिनिधियों को चुना।
इस डिजिटल चुनाव से बच्चों को क्या फायदा होगा?
इससे बच्चों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की समझ बढ़ेगी, उनकी लीडरशिप क्वालिटी में सुधार होगा और उनमें आत्मविश्वास पैदा होगा।