Begusarai में गैंगरेप पीड़िता से मिला RJD का प्रतिनिधिमंडल, पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने की निष्पक्ष जांच की मांग

Begusarai: बिहार के बेगूसराय में एक महिला के साथ हुई दरिंदगी के मामले में अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता के नेतृत्व में RJD के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सिमरिया घाट बिंदटोली पहुंचकर पीड़ित

Begusarai: बिहार के बेगूसराय में एक महिला के साथ हुई दरिंदगी के मामले में अब राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता के नेतृत्व में RJD के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सिमरिया घाट बिंदटोली पहुंचकर पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

यह पूरा मामला 11 जून 2026 की रात का है, जब एक 28 साल की शादीशुदा महिला के साथ गैंगरेप किया गया था। मेडिकल जांच के दौरान जो बातें सामने आईं, उसने सबको झकझोर कर रख दिया। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट्स से एक जिंदा कारतूस, एक पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा बरामद हुआ था। इस मामले में पांच आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

शुरुआती लापरवाही को देखते हुए बेगूसराय रेंज के DIG शैलेश कुमार सिन्हा ने चकिया SHO राजीव रंजन को सस्पेंड कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस ने एक SIT (Special Investigation Team) का गठन किया है और पीड़िता की आगे की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड भी बनाया गया है। बेगूसराय SP मनीष और SDPO सदर आनंद कुमार पांडेय ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच हो रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

दूसरी तरफ, RJD ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। जिला अध्यक्ष मोहित यादव के नेतृत्व में पहले कैंडल मार्च निकाला गया और फिर 23 जून को एक कमेटी बनाई गई। 24 जून को इस टीम ने पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों से बात कर जानकारी जुटाई। RJD नेताओं का आरोप है कि पुलिस की जांच निष्पक्ष नहीं है और उन्होंने मांग की है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले।