Rajasthan के ब्यावर के क्रेन चालक के नाम पर Delhi में खुलीं दो फर्जी GST फर्म, 100 करोड़ का हुआ लेनदेन
Rajasthan/Beawar: राजस्थान के ब्यावर में रहने वाले एक क्रेन चालक के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। उसके नाम का इस्तेमाल करके दिल्ली में दो फर्जी जीएसटी फर्में खोल दी गईं। इन कंपनियों के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन किय
Rajasthan/Beawar: राजस्थान के ब्यावर में रहने वाले एक क्रेन चालक के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। उसके नाम का इस्तेमाल करके दिल्ली में दो फर्जी जीएसटी फर्में खोल दी गईं। इन कंपनियों के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया, जिसकी जानकारी चालक को बाद में हुई।
यह मामला पहचान की चोरी और टैक्स चोरी का एक बड़ा उदाहरण है। जालसाजों ने क्रेन चालक के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया और दिल्ली में बिजनेस रजिस्टर कराया। इस तरह की फर्जी फर्मों का इस्तेमाल अक्सर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए सरकार को चूना लगाने और काले धन को सफेद करने के लिए किया जाता है।
देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां आम लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग हुआ है। हाल के कुछ उदाहरण नीचे दिए गए हैं:
- Delhi: आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 128 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश किया, जिसमें नौकरी के बहाने एक व्यक्ति के बायोमेट्रिक विवरण का उपयोग कर फर्जी फर्म बनाई गई थी।
- Gorakhpur: एक पंचर बनाने वाले के नाम पर 100 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनी रजिस्टर हुई, जिसके बाद उसे 28 करोड़ रुपये के टैक्स का नोटिस मिला।
- UP STF: दिल्ली, यूपी और हरियाणा में सक्रिय एक गिरोह ने बोगस फर्मों के जरिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी की, जिसमें कुछ विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत की बात भी सामने आई।
ऐसे मामलों में ठग अक्सर लोन दिलाने या नौकरी लगवाने के नाम पर भोले-भाले लोगों से उनके पहचान पत्र और बायोमेट्रिक डेटा ले लेते हैं। बाद में इन दस्तावेजों से शेल कंपनियां खड़ी कर दी जाती हैं और करोड़ों का फर्जी इनवॉइस जारी किया जाता है।