Maharashtra में LLB एडमिशन को लेकर BCI ने दी बड़ी राहत, अब ज्यादा कॉलेजों में मिल सकेंगी सीटें
Maharashtra: राज्य में कानून की पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों के लिए एक अच्छी खबर आई है। Bar Council of India (BCI) ने महाराष्ट्र के उन लॉ कॉलेजों को एक बार के लिए सशर्त मंजूरी दे दी है, जो पहले कॉमन एडमिशन प्रोसेस (CAP
Maharashtra: राज्य में कानून की पढ़ाई करने वाले हजारों छात्रों के लिए एक अच्छी खबर आई है। Bar Council of India (BCI) ने महाराष्ट्र के उन लॉ कॉलेजों को एक बार के लिए सशर्त मंजूरी दे दी है, जो पहले कॉमन एडमिशन प्रोसेस (CAP) की लिस्ट में शामिल नहीं थे। इस फैसले से अब छात्रों के पास एडमिशन के लिए ज्यादा विकल्प होंगे और उनकी मुश्किल कम होगी।
BCI की लीगल एजुकेशन कमेटी ने यह फैसला 10 अगस्त 2026 को लिया। दरअसल, कई बड़े और नामी लॉ कॉलेज पहले लिस्ट से बाहर थे, जिससे छात्रों में काफी चिंता थी। अब इन कॉलेजों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए CAP प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति मिल गई है। इस बदलाव की वजह से CAP राउंड 1 के लिए ऑप्शन-फॉर्म भरने की तारीख बढ़ाकर 11 अगस्त 2026 कर दी गई थी।
BCI ने साफ़ किया है कि यह राहत सिर्फ महाराष्ट्र के लिए और केवल इसी साल के लिए दी गई है क्योंकि एडमिशन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। कॉलेजों को अब 31 अगस्त 2026 तक BCI पोर्टल पर जरूरी कागजात जमा करने होंगे और बकाया फीस का भुगतान करना होगा। अगर कोई कॉलेज इस समय सीमा का पालन नहीं करता या उसकी यूनिवर्सिटी मान्यता सही नहीं पाई जाती, तो BCI उसकी मंजूरी वापस ले सकता है।
इस फैसले के बाद एडमिशन के लिए उपलब्ध कॉलेजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। 5 अगस्त के मुकाबले अब छात्रों के पास चुनने के लिए ज्यादा कॉलेज मौजूद हैं।
| कोर्स का नाम | पहले उपलब्ध कॉलेज | अब उपलब्ध कॉलेज |
|---|---|---|
| 3 साल का LLB | 93 | 146 |
| 5 साल का LLB | 56 | 101 |
BCI के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीमंतो सेन ने पहले ही संकेत दिए थे कि महाराष्ट्र में एडमिशन के इस गतिरोध को दूर करने के लिए कोई रास्ता निकाला जाएगा। हालांकि, BCI ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस छूट का मतलब यह नहीं है कि कॉलेजों की पुरानी फीस या रेगुलाइजेशन की शर्तें खत्म कर दी गई हैं। कॉलेजों को अपने पुराने बकाया और कागजी कार्रवाई को पूरा करना होगा।