Barabanki में लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर बदहाल सड़क सुरक्षा, टूटे साइनेज और पोल से बढ़ रहा हादसों का खतरा
Barabanki: लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। बाराबंकी के मसौली इलाके में रसौली कट और ओवरब्रिज के पास सड़क सुरक्षा की हालत बहुत खराब है। यहां कई जगहों पर साइनेज बोर्ड, रोड लाइट के पोल
Barabanki: लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। बाराबंकी के मसौली इलाके में रसौली कट और ओवरब्रिज के पास सड़क सुरक्षा की हालत बहुत खराब है। यहां कई जगहों पर साइनेज बोर्ड, रोड लाइट के पोल और डिवाइडर टूटे हुए पड़े हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
दैनिक भास्कर की 12 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, हाईवे पर धूल और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की वजह से खतरा बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इस समस्या पर पहले भी चर्चा हो चुकी है। 9 मई 2026 को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में DM शशांक त्रिपाठी ने सभी ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उन्हें ठीक करने के निर्देश दिए थे। रसौली और चौपुला कट पर खराब लाइटों और टूटे संकेतकों का मुद्दा उठाकर NHAI को पत्र भेजने का फैसला लिया गया था, लेकिन अगस्त तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
प्रशासन की कोशिश रही है कि जिले को ‘जीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ बनाया जाए। इसी मकसद से 14 जनवरी 2026 को DM ने सड़कों की सफाई, अवैध कट हटाने और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। वहीं, NHAI ने 4 जुलाई 2026 को घोषणा की थी कि बाराबंकी में सुरक्षित आवागमन के लिए 170 करोड़ रुपये की लागत से दो ओवरब्रिज और दो अंडरपास बनाए जाएंगे।
हाल ही में 14 जुलाई 2026 को NHAI के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अमर चौधरी ने बताया कि अयोध्या-लखनऊ हाईवे के पुलों का वैज्ञानिक परीक्षण किया गया है और सभी संरचनाएं सुरक्षित पाई गई हैं। हालांकि, पुलों की मजबूती के बावजूद सड़क किनारे लगे टूटे पोल और गायब साइनेज आम जनता के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं।