UP: बीकेटी इलाके में एक बांग्लादेशी नागरिक अरूप बख्शी का मामला सामने आया है जो सालों से अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था। वह इलाके में बंगाली चांदसी क्लीनिक चला रहा था और खुद को हिंदू बताकर लोगों के बीच घुलमिल गया था। इस
UP: बीकेटी इलाके में एक बांग्लादेशी नागरिक अरूप बख्शी का मामला सामने आया है जो सालों से अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था। वह इलाके में बंगाली चांदसी क्लीनिक चला रहा था और खुद को हिंदू बताकर लोगों के बीच घुलमिल गया था। इस घटना के बाद अब स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अरूप बख्शी ने कैसे की पहचान छिपाने की कोशिश
अरूप बख्शी बीकेटी थाना क्षेत्र के बरगदी स्थित अस्ती रेलवे क्रासिंग के पास अपना क्लीनिक चला रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह सुबह नियमित पूजा-पाठ करता था। उसने अपने क्लीनिक के अंदर एक मंदिर भी बनाया हुआ था। वह अपने माथे पर टीका लगाता था और हाथ में कलावा बांधता था ताकि कोई उस पर शक न करे।
पुलिस वेरिफिकेशन और पासपोर्ट पर उठे सवाल
सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि अरूप बख्शी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपना पासपोर्ट भी बनवा लिया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान उसे क्लीन चिट किसने दी और खुफिया तंत्र को इसकी खबर क्यों नहीं लगी। मामला दर्ज होने के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक आरोपी का पता नहीं लगा पाई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अरूप बख्शी बीकेटी में क्या काम करता था
अरूप बख्शी बीकेटी थाना क्षेत्र के बरगदी में ‘बंगाली चांदसी क्लीनिक’ के नाम से अपना क्लीनिक चला रहा था।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल क्यों उठ रहे हैं
क्योंकि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवा लिया और पुलिस वेरिफिकेशन भी पास कर लिया, जिसकी भनक स्थानीय पुलिस को नहीं लगी।