Bangladesh में शेख हसीना के वर्चुअल संबोधन पर रोक, भारत से होने वाले प्रोग्राम को लेकर ढाका ने जताई आपत्ति
World : बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने वहां के स्थानीय मीडिया को सख्त चेतावनी दी है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के किसी भी वर्चुअल संबोधन को न दिखाएं और न ही इसका प्रचार करें। यह मामला तब सामने आया जब भारत से शेख ह
World : बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने वहां के स्थानीय मीडिया को सख्त चेतावनी दी है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के किसी भी वर्चुअल संबोधन को न दिखाएं और न ही इसका प्रचार करें। यह मामला तब सामने आया जब भारत से शेख हसीना के एक ऑनलाइन प्रोग्राम में शामिल होने की योजना बनी। बांग्लादेश सरकार ने इसके लिए अदालत के पुराने आदेश का हवाला दिया है।
बांग्लादेश के सूचना सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को मीडिया को यह चेतावनी जारी की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने एक आदेश दिया था, जिसके तहत शेख हसीना के भाषणों, इंटरव्यू या किसी भी ऑडियो-वीडियो संदेश को प्रसारित करने पर रोक लगाई गई है। हालांकि, ट्रिब्यूनल के मुख्य अभियोजक एम. अमीनुल इस्लाम ने साफ किया कि यह रोक मुख्य रूप से ‘हेट स्पीच’ यानी नफरत फैलाने वाले बयानों पर है, बाकी बातों पर कोई पूरी पाबंदी नहीं है।
इस मुद्दे को लेकर बांग्लादेश ने भारत सरकार से भी बात की है। विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं কবির ने भारतीय उच्चायुक्त से मिलकर अपनी चिंता जताई। बांग्लादेश का कहना है कि एक भगोड़े नेता को राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमति देने से दोनों देशों के बीच सुधरते रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री शमा ओबेद इस्लाम ने भी उम्मीद जताई कि भारत अपनी स्थिति साफ करेगा ताकि उसकी जमीन का इस्तेमाल बांग्लादेश को अस्थिर करने के लिए न हो।
दूसरी तरफ, भारत सरकार ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से निजी है और इसे ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ नाम की एक प्राइवेट संस्था आयोजित कर रही है। भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है और न ही वह इसमें किसी तरह का समर्थन कर रही है। ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेशी अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच की जाएगी और जरूरी सावधानी बरती जाएगी।
शेख हसीना की तरफ से उनके सहयोगी अबू ओबैदा आरिन ने कहा कि यह कार्यक्रम होगा और बाहरी देशों में उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। बता दें कि शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आई थीं। उन पर मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप हैं और 2025 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे उन्होंने गलत बताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसीना और उनकी पार्टी के सदस्य दिसंबर के आसपास बांग्लादेश लौटने और अदालत में पेश होने की योजना बना रहे हैं।