UP के बलरामपुर में बांस के पुल के भरोसे 20 हजार लोग, हर कदम पर हादसे का डर
UP/बलरामपुर : बलरामपुर के अमरहवा गांव में आजादी के कई साल बीत जाने के बाद भी लोग पक्के पुल का इंतजार कर रहे हैं। यहां करीब 20 गांवों की 20 हजार की आबादी एक पहाड़ी नाले पर बने बांस के अस्थायी पुल के सहारे अपनी जान जोखिम म
UP/बलरामपुर : बलरामपुर के अमरहवा गांव में आजादी के कई साल बीत जाने के बाद भी लोग पक्के पुल का इंतजार कर रहे हैं। यहां करीब 20 गांवों की 20 हजार की आबादी एक पहाड़ी नाले पर बने बांस के अस्थायी पुल के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद न मिलने के कारण खुद चंदा इकट्ठा करके इस बांस के पुल को बनवाया है। यह पुल इतना जर्जर है कि इस पर चलते समय हमेशा हादसे का डर बना रहता है। बरसात के दिनों में जब खरझार पहाड़ी नाला उफान पर होता है, तो इन गांवों का संपर्क तहसील और जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता है। ऐसे समय में बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस का पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्राम प्रधान गवोधर ने बताया कि उन्होंने कई सालों से पक्के पुल और संपर्क मार्ग की मांग की है, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पुल का निर्माण नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह समस्या काफी पुरानी है और मार्च 2025 की रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया था, लेकिन जुलाई 2026 तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इस मामले पर तुलसीपुर के एसडीएम अभय सिंह ने कहा कि खरझार पहाड़ी नाले पर पुल निर्माण की समस्या को सुलझाने की तैयारी की जा रही है। वहीं तुलसीपुर के विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने जानकारी दी कि पुल बनवाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है और लोगों की परेशानी दूर करने के लिए खास प्रयास किए जाएंगे।