Ayodhya राम मंदिर दान विवाद: संजय राउत ने लगाया चांदी की ईंट गायब होने का आरोप, SIT जांच में 8 गिरफ्तार

UP/Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में दिए गए दान को लेकर विवाद गहरा गया है। Shiv Sena (UBT) के सांसद Sanjay Raut ने आरोप लगाया है कि उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई 4 किलो की चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिल र

UP/Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में दिए गए दान को लेकर विवाद गहरा गया है। Shiv Sena (UBT) के सांसद Sanjay Raut ने आरोप लगाया है कि उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई 4 किलो की चांदी की ईंट और 1 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिल रहा है। इस मामले में अब उत्तर प्रदेश सरकार की SIT जांच के बाद कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं।

Sanjay Raut ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया कि हजारों कार्यकर्ताओं और संतों की मौजूदगी में जो दान दिया गया था, उसकी न तो कोई रसीद मिली और न ही कोई अपडेट। उन्होंने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट से 2,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई और इस पैसे का इस्तेमाल राजनीतिक दलों में फूट डालने के लिए किया गया। राउत का कहना है कि इस खेल के मुख्य आरोपी अब भी ट्रस्ट के अंदर काम कर रहे हैं।

इस विवाद के बीच यूपी सरकार ने एक्शन लिया है। 14 जून 2026 को एक तीन सदस्यीय SIT बनाई गई थी। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के बाद 25 या 26 जून को एक FIR दर्ज की गई। यह FIR ट्रस्ट सदस्य Krishna Mohan की शिकायत पर दर्ज हुई है। पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल है। बताया जा रहा है कि टिन्नू यादव ट्रस्ट के महासचिव Champat Rai का पूर्व ड्राइवर था और वह दान के बक्सों से पैसे और कीमती सामान निकालने के काम में शामिल था।

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने साफ कहा है कि SIT की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी तरफ, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। महासचिव Champat Rai और सदस्य Mahant Dinendra Das Maharaj का कहना है कि सभी लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड है और सब कुछ पारदर्शिता से किया गया है।

इस मामले में राजनीतिक घमासान भी बढ़ा है। RJD सांसद Sudhakar Singh ने ट्रस्ट को लीगल नोटिस भेजकर साल 2021-22 से 2025-26 तक के खर्चों और दान का पूरा हिसाब मांगा है। वहीं, पूर्व SP विधायक Pawan Pandey ने पहले ही 7 से 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया था। केंद्रीय मंत्री Giriraj Singh ने विपक्ष पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।