अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: जांच लखनऊ पहुंची, 54 परिजनों की संपत्तियों की होगी जांच

UP/Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब और गहरा गया है। इस मामले की जांच अब अयोध्या से निकलकर राजधानी लखनऊ तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसियां अब सिर्फ आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों की संपत्

UP/Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब और गहरा गया है। इस मामले की जांच अब अयोध्या से निकलकर राजधानी लखनऊ तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसियां अब सिर्फ आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों की संपत्ति पर भी नजर रख रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी के पैसों का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।

अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर ने लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी को पत्र लिखकर आठ आरोपियों और उनके 46 परिजनों की संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। इसमें पिछले दो साल में खरीदी गई खेती की जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी मांगी गई है। लखनऊ प्रशासन ने नगर निगम और राजस्व विभाग को जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

इस पूरे मामले में अब तक कई बड़ी कार्रवाइयां हो चुकी हैं। राम मंदिर ट्रस्ट ने 30 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी चढ़ावा गिनने के काम में लगे 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। अब बैंक के नियमित कर्मचारी ही पैसों की गिनती का काम संभालेंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक विशेष जांच दल (SIT) गठित की है। SIT ने अपनी जांच के लिए और समय मांगा है और वह आज कोर्ट में एक अंतरिम रिपोर्ट पेश कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, चोरी की रकम लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में हो सकती है।

आज अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक होनी है। इस बैठक में SIT की रिपोर्ट और मंदिर के पहले CEO के चयन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। पुलिस अब उन ट्रस्ट सदस्यों, बैंक कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों से भी लिखित बयान लेगी, जिनकी जिम्मेदारी गणना कक्ष की निगरानी करना था।