Ayodhya राम मंदिर के CEO के लिए बिहार DG और UP के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट समेत कई दिग्गजों ने दिए इंटरव्यू, अब अंतिम 3 नामों पर मंथन

UP : अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को जल्द ही अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिलने वाला है। इस बड़े पद के लिए चयन प्रक्रिया अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई है। 11 और 12 अगस्त 2026 को राम जन्मभ

UP : अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को जल्द ही अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिलने वाला है। इस बड़े पद के लिए चयन प्रक्रिया अब अपने आखिरी दौर में पहुंच गई है। 11 और 12 अगस्त 2026 को राम जन्मभूमि परिसर में साक्षात्कार आयोजित किए गए, जिसमें प्रशासनिक अनुभव रखने वाले कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया।

इस पद के लिए कुल 5300 से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें से 16 से 18 उम्मीदवारों को अंतिम इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। इंटरव्यू देने वालों में बिहार के डीजी, यूपी के एक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट, रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार पांडे और परेश सक्सेना, राजस्थान की एक रिटायर्ड महिला आईएएस अधिकारी और रिटायर्ड ब्रिगेडियर सत्येंद्र कुमार सिन्हा जैसे बड़े नाम शामिल थे।

तीन सदस्यीय चयन समिति ने अब इन उम्मीदवारों में से अंतिम तीन नामों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है। इस समिति का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली कर रहे हैं, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हवारे भी इसके सदस्य हैं। यह समिति 2 सितंबर तक तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप देगी, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।

चयन प्रक्रिया में केवल प्रशासनिक अनुभव ही नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आचरण को भी देखा गया। उम्मीदवारों से भीड़ प्रबंधन, बड़े आयोजनों के अनुभव के साथ-साथ शाकाहारी होने, शराब का सेवन न करने और जनेऊ या चोटी रखने जैसे धार्मिक पहलुओं पर भी सवाल पूछे गए।

मंदिर में चढ़ावे की चोरी की खबरों के बाद प्रबंधन को और प्रोफेशनल बनाने के लिए इस CEO पद का सृजन किया गया है। हालांकि CEO मंदिर का सबसे बड़ा अधिकारी होगा, लेकिन ट्रस्ट का असली प्रशासनिक और नीतिगत कंट्रोल महासचिव के पास ही रहेगा। उम्मीद है कि अगस्त के मध्य तक नियुक्ति की घोषणा हो जाएगी, जिसके बाद ट्रस्ट में नई नियुक्तियां या छंटनी भी हो सकती है।