Delhi के भारत मंडपम में एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप खत्म, जापान और कजाकिस्तान के खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड मेडल

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 26वीं एशियन सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप के व्यक्तिगत मुकाबले रविवार को खत्म हो गए। इस प्रतियोगिता में जापान के क्योसुके मात्सुयामा ने मेंस फॉइल और कजाकिस्तान की इरीना बाकलदिना

Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में 26वीं एशियन सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप के व्यक्तिगत मुकाबले रविवार को खत्म हो गए। इस प्रतियोगिता में जापान के क्योसुके मात्सुयामा ने मेंस फॉइल और कजाकिस्तान की इरीना बाकलदिना ने विमेंस एपे इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी बादशाहत जमाई। यह टूर्नामेंट आने वाले एशियन गेम्स और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफायर के तौर पर बहुत अहम था।

जापान के क्योसुके मात्सुयामा ने फाइनल मुकाबले में अपने ही देश के काजुकी इमुरा को हराकर गोल्ड जीता। वहीं कजाकिस्तान की इरीना बाकलदिना ने इतिहास रच दिया क्योंकि उन्होंने चैंपियनशिप में कजाकिस्तान के लिए पहली बार विमेंस एपे का व्यक्तिगत खिताब जीता। इस दौरान कई बड़े उलटफेर भी देखने को मिले, जिसमें ओलंपिक चैंपियन चेउंग का लॉन्ग और डिफेंडिंग चैंपियन चोई चुन यिन जैसे दिग्गज खिलाड़ी जल्दी बाहर हो गए।

भारत के लिए यह आयोजन काफी खास रहा। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस चैंपियनशिप का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि भारत में 30 से ज्यादा देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ियों का आना गर्व की बात है। उन्होंने फेंसिंग को भारत की पारंपरिक तलवारबाजी की विरासत से जोड़ते हुए इसे गति और साहस का खेल बताया।

भारतीय खिलाड़ियों ने भी अपने घर पर अच्छा प्रदर्शन किया। प्राची लोहन और सचिन सचिन ने अपने-अपने इवेंट्स में टॉप-25 में जगह बनाई। फेंसिंग कंफेडरेशन ऑफ एशिया और फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि भारत में इस आयोजन से भारतीय एथलीटों को दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने का मौका मिला, जो 2028 ओलंपिक की तैयारी के लिए बहुत जरूरी है।