Maharashtra: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) मुंबई बोर्ड Naneghat में ‘ऑडियो गाइड टूर’ और ‘Naneghat Pass Transformation’ प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहा है। इसका उद्घाटन 18 मई 2026 को सुबह 9:00 बज
Maharashtra: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) मुंबई बोर्ड Naneghat में ‘ऑडियो गाइड टूर’ और ‘Naneghat Pass Transformation’ प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहा है। इसका उद्घाटन 18 मई 2026 को सुबह 9:00 बजे किया जाएगा। इस पहल का मकसद पुराने समय के व्यापारिक रास्तों के इतिहास को आधुनिक तकनीक के जरिए पर्यटकों तक पहुंचाना है। इस पूरे प्रोजेक्ट की थीम ‘प्राचीन व्यापार मार्ग से डिजिटल हेरिटेज वॉक तक’ रखी गई है।
Naneghat में क्या खास सुविधा मिलेगी
पर्यटकों को अब Naneghat के ऐतिहासिक महत्व के बारे में सही और आसान जानकारी डिजिटल रूप में मिलेगी। इस ऑडियो गाइड सिस्टम के लिए Gunj India ने तकनीकी मदद दी है। उद्घाटन समारोह में T. Srilakshmi मुख्य अतिथि होंगी। साथ ही डेक्कन कॉलेज के प्रोफेसर Abhijit Dandekar और महाराष्ट्र राज्य पुरातत्व एवं संग्रहालय निदेशालय के निदेशक Tejas Garge भी मौजूद रहेंगे। इस पूरी योजना को ASI मुंबई सर्कल के अधीक्षण पुरातत्वविद् Abhijit S. Ambekar ने तैयार किया है।
Naneghat का इतिहास और महत्व क्या है
Naneghat पश्चिमी घाट का एक पहाड़ी दर्रा है, जो प्राचीन समय में विशेषकर सातवाहन काल (200 BCE से 190 CE) के दौरान व्यापार का मुख्य रास्ता था। यहाँ ब्राह्मी लिपि के महत्वपूर्ण शिलालेख मिलते हैं। यहाँ एक बड़ा पत्थर का बर्तन भी है जिसे स्थानीय लोग ‘जकातिका रंजन’ कहते हैं, जिसका इस्तेमाल पुराने समय में टैक्स वसूलने के लिए किया जाता था। यहाँ की गुफाओं में सातवाहन वंश की रानी नागनिका (नयनिका) के शिलालेख भी मौजूद हैं, जो उस दौर के शासन और व्यापार की जानकारी देते हैं।
पर्यटकों के लिए जरूरी नियम
Naneghat एक केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित स्मारक है, जिसका प्रबंधन ASI करता है। Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains (AMASR) एक्ट 1958 के तहत इस स्थल की सीमा के 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण कार्य करना मना है। यह डिजिटल टूर सभी के लिए खुला रहेगा ताकि लोग महाराष्ट्र की ऐतिहासिक विरासत को बेहतर तरीके से समझ सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Naneghat ऑडियो गाइड टूर का उद्घाटन कब होगा
इसका उद्घाटन 18 मई 2026 को सुबह 9:00 बजे ASI मुंबई बोर्ड द्वारा किया जाएगा।
Naneghat ऐतिहासिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है
यह सातवाहन काल का एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग था, जहाँ रानी नागनिका के शिलालेख और टैक्स वसूली के लिए इस्तेमाल होने वाला ‘जकातिका रंजन’ मौजूद है।