Delhi में छात्र आंदोलन का समर्थन, Anna Hazare ने महाराष्ट्र में किया मौन प्रोटेस्ट, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Maharashtra/Delhi: सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में अपना कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास दो
Maharashtra/Delhi: सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में अपना कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास दो घंटे का मौन विरोध प्रदर्शन किया। अन्ना ने सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक यह प्रोटेस्ट किया और इसके बाद अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए।
अन्ना हजारे ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने पत्र में दिल्ली में छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई और हिंसा को दुखद बताया। अन्ना ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि सरकार को छात्रों के साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, ताकि सरकार अधिक जवाबदेह बन सके।
देश के लाखों युवा इस समय पेपर लीक, भर्ती में देरी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से परेशान हैं। अन्ना हजारे का कहना है कि इन मुद्दों को सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं मानना चाहिए, बल्कि इसे समाज के दर्द के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने सोनम वांगचुक को जबरन हटाने और सरकार द्वारा बातचीत न करने पर भी चिंता जताई है।
इस पूरे विवाद पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग युवाओं को गुमराह कर रहे हैं, वहीं रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इसे विपक्ष की राजनीतिक साजिश बताया। दूसरी ओर, अभिनेता Salman Khan ने छात्रों का समर्थन करते हुए शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने की बात कही है। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) का धरना 26वें दिन भी जारी है। 20 जुलाई को ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ था, जिसके बाद से माहौल तनावपूर्ण है। CJP ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को फिलहाल ठुकरा दिया है। अन्ना हजारे ने जोर दिया कि लोकतंत्र में टकराव के बजाय बातचीत से रास्ता निकालना बेहतर होता है और हिंसा से बचना चाहिए।