NEET विवाद: Anna Hazare ने PM मोदी को लिखा पत्र, दिल्ली हिंसा पर जताया दुख और बातचीत की मांग की

Delhi: सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने NEET परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने दिल्ली में हाल ही में हुई हिंसा पर दुख जताया और सरकार से अपील क

Delhi: सामाजिक कार्यकर्ता Anna Hazare ने NEET परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने दिल्ली में हाल ही में हुई हिंसा पर दुख जताया और सरकार से अपील की है कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर इस मामले को शांति से सुलझाए। Hazare ने युवाओं के गुस्से को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या न मानकर इसे समाज का दर्द बताया है।

Hazare ने अपने पत्र में कहा कि पेपर लीक, भर्तियों में देरी और बेरोजगारी के कारण युवाओं में काफी नाराजगी है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार संबंधित मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करती है, तो इससे प्रशासन की इच्छाशक्ति दिखेगी और सरकार कमजोर नहीं होगी। इससे पहले 18 जुलाई को भी उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षाविद Sonam Wangchuk से बात करने की सलाह दी थी ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।

दूसरी तरफ, Sonam Wangchuk पिछले तीन हफ्तरों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और फिलहाल उनकी तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। Wangchuk ने अपनी हड़ताल खत्म करने के लिए एक शर्त रखी है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार यह भरोसा दे कि ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल हुए छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।

यह पूरा विवाद 20 जुलाई को तब और बढ़ गया जब Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई छात्र और अभिभावक घायल हुए। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी, जिसके बाद अब कई FIR दर्ज की गई हैं।

इस मुद्दे पर राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के पास धरना दिया, जिसके बाद उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 22 जुलाई को पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। NEET पेपर लीक के खिलाफ यह गुस्सा अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों और विदेशों में भी देखा जा रहा है।