Android फोन अब बचाएंगे जान, Venezuela में भूकंप से पहले Google ने भेजा अलर्ट

World: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान Android फोन एक लाइफ सेविंग टूल बनकर उभरे हैं। Google के सिस्टम ने लोगों को खतरनाक झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले ही अलर्ट भेज दिया, जिससे उन्हें अपनी जान बचाने का मौका

World: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान Android फोन एक लाइफ सेविंग टूल बनकर उभरे हैं। Google के सिस्टम ने लोगों को खतरनाक झटके महसूस होने से कुछ सेकंड पहले ही अलर्ट भेज दिया, जिससे उन्हें अपनी जान बचाने का मौका मिला। यह तकनीक उन देशों के लिए बहुत मददगार है जहां सरकार का अपना कोई भूकंप चेतावनी सिस्टम नहीं है।

24 जून 2026 को उत्तरी वेनेजुएला में 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंप आए थे। यहां के Android यूजर्स को झटके शुरू होने से पहले ही फोन पर चेतावनी मिल गई थी। Google का यह सिस्टम फोन में लगे एक्सेलेरोमीटर (accelerometers) का इस्तेमाल करता है, जो छोटे से छोटे कंपन को पहचान लेते हैं। जब एक ही इलाके के कई फोन कंपन महसूस करते हैं, तो Google के सर्वर इसे कन्फर्म करते हैं और तुरंत अलर्ट जारी कर देते हैं।

यह सिस्टम 2020 में शुरू हुआ था और अब दुनिया के करीब 100 देशों में काम कर रहा है। जुलाई 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस सिस्टम ने 18,000 से ज्यादा भूकंपों का पता लगाया और 790 मिलियन अलर्ट भेजे। इससे उन लोगों की पहुंच बढ़ी है जो पहले ऐसी चेतावनी नहीं पा सकते थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी चेतावनी मिलने से भूकंप के दौरान होने वाली चोटों को 50% तक कम किया जा सकता है।

इस सिस्टम में दो तरह के अलर्ट आते हैं। पहला ‘Be Aware’ जो हल्के झटकों के लिए होता है और दूसरा ‘Take Action’ जो तेज झटकों के लिए होता है। ‘Take Action’ अलर्ट आने पर फोन की स्क्रीन पूरी तरह भर जाती है और तेज आवाज आती है ताकि व्यक्ति तुरंत सुरक्षित जगह जा सके। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए फोन में इंटरनेट कनेक्शन, लोकेशन सेटिंग और Android Earthquake Alerts का ऑन होना जरूरी है।

Google के अलावा अब Samsung ने भी अपने One UI 8 अपडेट के जरिए ऐसा ही सिस्टम पेश किया है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में भी इसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जहां हाल ही में एक भूकंप से पहले 10 लाख से ज्यादा लोगों को समय पर सूचना मिली। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के शोधकर्ताओं और अन्य विशेषज्ञों ने इस तकनीक को सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बहुत प्रभावी बताया है।