Andheri में 12 एकड़ के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को लीज पर देने का विरोध, BJP नेता ने BMC से मांगी जानकारी
Maharashtra/Mumbai: Andheri (W) के वीरा देसाई रोड पर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को प्राइवेट ट्रस्ट को सौंपने के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। BMC ने इस 12 एकड़ के मैदान को 10 साल के लिए PPP मॉडल प
Maharashtra/Mumbai: Andheri (W) के वीरा देसाई रोड पर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को प्राइवेट ट्रस्ट को सौंपने के फैसले पर विवाद शुरू हो गया है। BMC ने इस 12 एकड़ के मैदान को 10 साल के लिए PPP मॉडल पर SVKM ट्रस्ट को लीज पर देने की तैयारी की है, जिसका BJP और स्थानीय लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं।
BJP विधायक और मुंबई चीफ अमित सतम ने इस पूरी प्रक्रिया को गलत बताया है। उन्होंने BMC के एडिशनल कमिश्नर अविनाश धाकणे को पत्र लिखकर इस टेंडर को तुरंत रद्द करने की मांग की है। सतम का कहना है कि जब शहर की ओपन स्पेस पॉलिसी अभी तक फाइनल नहीं हुई है, तो रिजर्व ओपन स्पेस को इस तरह नीलामी के जरिए किसी प्राइवेट संस्था को देना गैरकानूनी है।
इस लीज डील की शर्तों के मुताबिक, SVKM ट्रस्ट BMC को सालाना करीब 21 लाख रुपये किराया देगा, जिसमें हर साल 6% की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, ट्रस्ट को अपनी कुल कमाई का 50% हिस्सा भी BMC के साथ साझा करना होगा। यह पहली बार है जब BMC ने किसी खुले मैदान को PPP मॉडल के तहत लीज पर दिया है। इस टेंडर की प्रक्रिया फरवरी 2026 में तत्कालीन कमिश्नर भूषण गगरानी के समय पूरी हुई थी।
दूसरी तरफ, SVKM के प्रेसिडेंट और BJP MLC अमरीश पटेल ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही है और ट्रस्ट ने BMC के नियमों का पालन किया है। पटेल ने साफ किया कि इस जमीन का इस्तेमाल सिर्फ खेलकूद के लिए होगा और यहाँ कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आम लोग और छात्र BMC द्वारा तय किए गए किफायती रेट पर ही इन सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे।
इस मामले में पहले भी विवाद हो चुके हैं। सितंबर 2025 में जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी, तभी से सवाल उठ रहे थे। मई 2026 में BJP नेता किरीट सोमैया ने भी आरोप लगाया था कि ऐसे कॉम्प्लेक्स को प्राइवेट एजेंसियों को सौंपकर वहां कमर्शियल इवेंट कराए जा रहे हैं। जून 2026 में यह भी सामने आया था कि एथलीट्स के लिए बने 56 कमरों को प्राइवेट होटल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसकी जांच के आदेश BMC ने दिए थे।