Delhi के Central Ridge में मिलीं प्राचीन चट्टानों पर नक्काशी, पहली बार सामने आया ऐसा सबूत
Delhi: राजधानी दिल्ली के सेंट्रल रिज इलाके में प्राचीन समय की रॉक आर्ट मिली है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने यहां की चट्टानों पर कुछ ऐसी आकृतियां देखी हैं, जो हजारों साल पुरानी हो सकती हैं। यह खोज दिल्ली के इतिहास और यहां रहने
Delhi: राजधानी दिल्ली के सेंट्रल रिज इलाके में प्राचीन समय की रॉक आर्ट मिली है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने यहां की चट्टानों पर कुछ ऐसी आकृतियां देखी हैं, जो हजारों साल पुरानी हो सकती हैं। यह खोज दिल्ली के इतिहास और यहां रहने वाले प्राचीन लोगों के बारे में नई जानकारी दे सकती है।
पर्यावरण विशेषज्ञ Pradip Krishen और Chetan Agarwal ने पोलो ग्राउंड के पास एक बड़ी चट्टान पर इन पेट्रोग्लिफ्स (पत्थर पर नक्काशी) और कप्यूल्स (छोटे गड्ढे) को देखा। Chetan Agarwal ने 24 जून 2026 को अपनी विजिट के दौरान इन्हें नोटिस किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि सेंट्रल रिज में इस तरह की रॉक आर्ट पहली बार पहचानी गई है।
हरियाणा पुरातत्व और संग्रहालय विभाग की पूर्व डिप्टी डायरेक्टर Banani Bhattacharyya ने तस्वीरों के आधार पर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह नक्काशी एक सीढ़ी जैसी ज्यामितीय डिजाइन (ladder-like geometric design) में है, जिसमें खड़ी और आड़ी रेखाएं एक-दूसरे को काटती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अरावली के मंगर इलाके में भी ऐसी ही आकृतियां मिली हैं, जिससे लगता है कि यह प्रागैतिहासिक काल की संस्कृति का हिस्सा हो सकता है।
Pradip Krishen ने कहा कि गुफा चित्रों के मुकाबले पत्थर पर की गई नक्काशी की सही उम्र पता करना ज्यादा मुश्किल होता है। हालांकि, Chetan Agarwal ने याद दिलाया कि 1960 से 1980 के बीच नॉर्थ रिज और JNU कैंपस में भी ऐसी ही कलाकृतियां मिली थीं।
फिलहाल दिल्ली वन विभाग ने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है क्योंकि सेंट्रल रिज एक रिजर्व फॉरेस्ट है और इसकी अंतिम अधिसूचना का इंतजार है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने अब सरकार से अपील करने का फैसला किया है ताकि इस साइट को पुरातत्व विभाग के संरक्षण में लिया जा सके और इसे सुरक्षित रखा जा सके।