Gujarat: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर स्थित आनंद स्टेशन को अब एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने जानकारी दी है कि स्टेशन के तीनों स
Gujarat: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर स्थित आनंद स्टेशन को अब एक मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने जानकारी दी है कि स्टेशन के तीनों स्तरों पर स्लैब डालने का काम पूरा हो चुका है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को एक ही जगह पर ट्रेन, बस और टैक्सी जैसी तमाम सुविधाएं देना है ताकि उनका सफर आसान हो सके।
आनंद स्टेशन पर यात्रियों को कौन सी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी?
आनंद स्टेशन का डिजाइन भारत की मिल्क सिटी के रूप में मशहूर इस शहर की पहचान यानी दूध प्रोसेसिंग की गतिशीलता से प्रेरित है। यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्टेशन को आधुनिक और भव्य बनाया जा रहा है। स्टेशन में यात्रियों को निम्नलिखित सुविधाएं मिलेंगी:
- स्टेशन में तीन फ्लोर होंगे, जिनमें टिकट काउंटर, वेटिंग एरिया और नर्सरी की सुविधा दी जाएगी।
- यात्रियों की आवाजाही के लिए स्टेशन पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जा चुके हैं।
- प्राकृतिक रोशनी के लिए स्टेशन की छत और बाहरी दीवारों पर स्काईलाइट का इंतजाम किया गया है।
- स्टेशन के पास एक पैदल यात्री प्लाजा और पार्किंग एरिया होगा जहां बस, ऑटो और निजी वाहनों के लिए अलग जगह होगी।
कनेक्टिविटी और निर्माण कार्य को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
NHSRCL के अनुसार, स्टेशन का बाहरी हिस्सा और छत का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग का काम चल रहा है। यह स्टेशन उत्तरसंडा रेलवे स्टेशन से महज 600 मीटर की दूरी पर स्थित है। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए एनएचएसआरसीएल ने अतिरिक्त जमीन ली है ताकि स्टेशन को नेशनल हाईवे 64 और स्टेट हाईवे 150 से सीधे जोड़ा जा सके।
| विशेषता |
विवरण |
| स्टेशन की ऊंचाई |
25.6 मीटर |
| कुल निर्मित क्षेत्र |
44,073 वर्ग मीटर |
| ट्रेनों की गति |
320 किमी प्रति घंटा |
| स्टेशन के लेवल |
ग्राउंड, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म |
| प्लेटफॉर्म की संख्या |
दो साइड प्लेटफॉर्म |
मुंबई और अहमदाबाद के बीच की 508 किमी की दूरी को यह बुलेट ट्रेन सिर्फ 2 घंटे 7 मिनट में तय करेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट में जापानी Shinkansen टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 2028 तक इस पूरे सिस्टम को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। आनंद स्टेशन के इस विकास से न केवल यात्रियों को सुविधा होगी बल्कि स्थानीय ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।