Delhi की Tihar Jail में अमेरिकी कैदी की मांग, पास्ता और चिकन खाने के लिए कोर्ट पहुंचा मामला

Delhi: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद एक अमेरिकी नागरिक ने जेल के खाने को लेकर नाराजगी जताई है। आतंकी साजिश के आरोपों में बंद मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसे अपना खाना खुद बनाने की अनुमति

Delhi: दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद एक अमेरिकी नागरिक ने जेल के खाने को लेकर नाराजगी जताई है। आतंकी साजिश के आरोपों में बंद मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसे अपना खाना खुद बनाने की अनुमति दी जाए। वह जेल के खाने को अपने स्वाद के हिसाब से सही नहीं मान रहा है और इसी वजह से काफी समय से भूख हड़ताल पर है।

मैथ्यू वैनडाइक को NIA ने मार्च 2026 में छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था। उन पर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों और म्यांमार के सशस्त्र समूहों को ड्रोन ट्रेनिंग देने का आरोप है। वह अप्रैल 2026 से तिहाड़ जेल में बंद है। वैनडाइक के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि जेल का खाना बहुत ज्यादा मसालेदार और तैलीय है, जिसे वह सहन नहीं कर पा रहा है।

वैनडाइक ने 6 मई 2026 से भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। उसके वकीलों का दावा है कि वह केवल सोया मिल्क जैसे तरल पदार्थों पर जीवित है, जिससे उसका वजन करीब 14 किलो कम हो गया है और उसकी सेहत बिगड़ रही है। उसने कोर्ट से पास्ता, चिकन, रेड मीट, मछली और ऑलिव ऑयल जैसी चीजों की मांग की है। साथ ही उसने जेल में इंडक्शन कुकर और बर्तन रखने की अनुमति मांगी है, जिसका खर्च उसका परिवार उठाने को तैयार है।

तिहाड़ जेल के नियमों के मुताबिक, यहाँ 20,000 से ज्यादा कैदियों के लिए डाइटिशियन द्वारा तय एक फिक्स डाइट प्लान होता है। सामान्य तौर पर बाहर से खाना मंगाने या अपनी पसंद का खाना बनाने की अनुमति नहीं होती। विशेष डाइट केवल उन्हीं को दी जाती है जिन्हें डॉक्टर किसी गंभीर बीमारी जैसे डायबिटीज या किडनी की समस्या के लिए जरूरी बताते हैं।

NIA ने कोर्ट को बताया कि वह इस आवेदन पर कोई जवाब दाखिल नहीं करेगा। वहीं, तिहाड़ जेल प्रशासन ने अपना जवाब देने के लिए समय मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई 2026 को होगी, जब जेल अधिकारी अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। फिलहाल वैनडाइक की न्यायिक हिरासत 1 अगस्त 2026 तक बढ़ाई गई है।