Delhi में 19 जुलाई को होगी सभी दलों की बैठक, 20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र

Delhi: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को सभी राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11 बजे होगी जिसमें सरकार अपने आने वाले कानूनों और एजेंडे के बारे में बताएगी। वहीं विपक्षी द

Delhi: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को सभी राजनीतिक दलों की एक बैठक बुलाई है। यह बैठक सुबह 11 बजे होगी जिसमें सरकार अपने आने वाले कानूनों और एजेंडे के बारे में बताएगी। वहीं विपक्षी दल उन मुद्दों की लिस्ट रखेंगे जिन्हें वे सदन में उठाना चाहते हैं।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने बताया कि राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों को बुलाने की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। यह मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान कुल 25 दिनों में 19 बैठकें होंगी। मंत्री ने उम्मीद जताई है कि सभी दल देश के जरूरी मुद्दों पर सार्थक चर्चा और फैसले लेने में मदद करेंगे।

सरकार इस सत्र में कई बड़े बिल पेश कर सकती है। इनमें 130वां संविधान संशोधन विधेयक सबसे अहम है, जिसमें प्रावधान है कि अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर अपराध में 30 दिनों तक जेल में रहता है, तो उसे पद से हटा दिया जाएगा। इस बिल की रिपोर्ट 17 जुलाई को JPC की बैठक में फाइनल होगी। इसके अलावा महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर भी चर्चा हो सकती है।

दूसरी तरफ विपक्षी दल NEET-UG पेपर लीक मामला और रक्षा मंत्री Rajnath Singh के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ वाले बयान पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विशेषाधिकार नोटिस भी दिया है। साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और खेती से जुड़ी समस्याओं को भी सदन में उठाया जा सकता है।

संसद की कार्यवाही के बीच कुछ राजनीतिक खींचतान भी दिख रही है। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के पास TMC के 20 और शिव सेना (UBT) के 6 सांसदों की अर्जी लंबित है, जिन्होंने अलग समूह के तौर पर मान्यता मांगी है। सांसदों के इधर-उधर होने से सदन के समीकरण बदल सकते हैं, जिसका फायदा सत्ता पक्ष को मिल सकता है।