Bhagalpur को मिली नई DM, अलंकृता पांडेय ने संभाला कार्यभार; तीसरी महिला जिलाधिकारी बनीं
Bhagalpur: 2016 बैच की IAS अधिकारी अलंकृता पांडेय ने सोमवार, 22 जून 2026 को भागलपुर के जिलाधिकारी का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने निवर्तमान डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी से चार्ज लिया। समाहरणालय परिसर में पहुँचने पर पुलिस बल
Bhagalpur: 2016 बैच की IAS अधिकारी अलंकृता पांडेय ने सोमवार, 22 जून 2026 को भागलपुर के जिलाधिकारी का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने निवर्तमान डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी से चार्ज लिया। समाहरणालय परिसर में पहुँचने पर पुलिस बल के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अलंकृता पांडेय भागलपुर की तीसरी महिला डीएम हैं, इससे पहले इस जिले की कमान अंशुली आर्या ने संभाली थी।
अलंकृता पांडेय इससे पहले जहानाबाद की जिलाधिकारी के तौर पर काम कर रही थीं। खास बात यह है कि उनके पति IAS अधिकारी अंशुल अग्रवाल को पड़ोसी जिले बांका का डीएम बनाया गया है। अलंकृता पांडेय का ट्रांसफर पश्चिम बंगाल कैडर से बिहार कैडर में हुआ था, जिसके लिए उन्होंने शादी के आधार पर कानूनी लड़ाई लड़ी थी।
पदभार ग्रहण करने के बाद डीएम ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं का जल्द समाधान करना, विकास कार्यों को तेजी देना और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया और जनता से सहयोग मांगा ताकि जिले का विकास बेहतर तरीके से हो सके।
आने वाले समय में भागलपुर के लिए श्रावणी मेला एक बड़ी चुनौती और प्राथमिकता है। यह मेला 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। नई डीएम ने मोहर्रम के दौरान विधि व्यवस्था और विक्रमशिला सेतु पर ट्रैफिक मैनेजमेंट को भी अपनी मुख्य लिस्ट में रखा है।
श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले ही निर्देश दिए हैं। इसके तहत साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, बिजली और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। भागलपुर, बांका और मुंगेर में कुल 2650 बिस्तरों वाली टेंट सिटी बनाई जाएगी। श्रद्धालुओं की मदद के लिए ‘मेला मित्र’ तैनात रहेंगे और भीड़ कंट्रोल करने के लिए दुकानें केवल बाईं ओर लगाई जाएंगी। हालांकि, सुल्तानगंज के सीढ़ी घाट पर गाद जमा होने और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की कमी जैसी कुछ समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं, जिन्हें सुलझाना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।