UP में अखिलेश यादव की ब्राह्मण समाज पर नजर, लखनऊ में बुलाई बड़ी बैठक, राजभर ने लगाया टूट का दावा
UP: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में 17 जून 2026 को लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर ब्राह्मण समाज से जुड़े नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक का मकस
UP: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में 17 जून 2026 को लखनऊ में पार्टी कार्यालय पर ब्राह्मण समाज से जुड़े नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई गई। इस बैठक का मकसद पार्टी संगठन को मजबूत करना और ब्राह्मण मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ाना है।
इस बैठक के साथ ही समाजवादी पार्टी अपने पुराने वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती भी बड़े स्तर पर मनाएगी। पार्टी का यह कदम 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की सफलता के बाद उठाया गया है। बैठक के बाद अखिलेश यादव एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें वे पार्टी की आगे की रणनीति और संगठनात्मक दिशा के बारे में बता सकते हैं।
वहीं, इस बीच यूपी के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओ.पी. राजभर ने बड़ा दावा किया है। राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी में जल्द ही बड़ी टूट होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है और पूरी सपा भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार है। हालांकि, समाजवादी पार्टी ने इस पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है और पार्टी सूत्रों इसे राजभर की राजनीतिक रणनीति मान रहे हैं।
दूसरी तरफ, सपा विधायक जय प्रकाश ने इन दावों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी 2027 के चुनाव जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है और अखिलेश यादव लगातार कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक किसी एक समाज की नहीं, बल्कि उन सभी नेताओं की है जो जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदा घोटाले के मुद्दे पर अखिलेश यादव के स्टैंड का समर्थन करते हुए इसे पारदर्शिता के लिए जरूरी बताया।