Air India की फ्लाइट में भयानक झटके, 13 यात्री और 4 क्रू मेंबर अस्पताल पहुंचे; पायलट के ड्रग टेस्ट की रिपोर्ट पर विवाद

Delhi: एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को भयानक टर्बुलेंस (झटके) महसूस किए गए। इस घटना के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे गिरा, जिससे विमान में सवार यात्री और क्रू सदस्य बुरी तरह डर गए। इस

Delhi: एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आने वाली फ्लाइट AI2379 में 4 अगस्त को भयानक टर्बुलेंस (झटके) महसूस किए गए। इस घटना के दौरान विमान करीब 300 फीट नीचे गिरा, जिससे विमान में सवार यात्री और क्रू सदस्य बुरी तरह डर गए। इस हादसे में 13 यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए दिल्ली और गुरुग्राम के मेदांता, फोर्टिस और इंडिया स्पाइनल इंजरी सेंटर जैसे अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि यह गंभीर टर्बुलेंस करीब पांच मिनट तक चला। एयर इंडिया के मुताबिक, सभी 13 घायल यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन चार क्रू मेंबर अभी भी मेडिकल निगरानी में हैं। इनमें से एक क्रू मेंबर की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। DGCA ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को अपने कब्जे में ले लिया है।

इस घटना के बाद एक बड़ा विवाद पायलट के ड्रग टेस्ट को लेकर खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि फ्लाइट के कैप्टन की डोप टेस्ट रिपोर्ट में मारिजुआना (नशीला पदार्थ) पॉजिटिव पाया गया है। हालांकि, एयर इंडिया ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनके पास अभी तक कोई आधिकारिक टेस्ट रिपोर्ट नहीं आई है, इसलिए वे इस पर कुछ नहीं कह सकते। एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वे नियमों के मुताबिक अपने क्रू की नियमित ड्रग टेस्टिंग करते रहते हैं।

DGCA के नियमों के मुताबिक, अगर कोई पायलट पहली बार ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे नशामुक्ति और रिहैबिलिटेशन के लिए भेजा जाता है। वह तभी ड्यूटी पर लौट सकता है जब उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आए। अगर ऐसा दोबारा होता है, तो लाइसेंस तीन साल के लिए सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है। फिलहाल जांच पूरी होने तक संबंधित पायलट उड़ान नहीं भर रहे हैं। वहीं, एक यात्री ने AirSewa पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बुजुर्ग परिवार सदस्यों को लगी चोटों और विमान को डायवर्ट न करने के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं।