MP, Maharashtra: मुंबई से भोपाल जाने वाली Air India की फ्लाइट AI 634 सोमवार को भारी देरी का शिकार हुई। पहले मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल की वजह से फ्लाइट लेट हुई और फिर भोपाल पहुंचने के बाद बर्ड हिट की आशंका
MP, Maharashtra: मुंबई से भोपाल जाने वाली Air India की फ्लाइट AI 634 सोमवार को भारी देरी का शिकार हुई। पहले मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ की हड़ताल की वजह से फ्लाइट लेट हुई और फिर भोपाल पहुंचने के बाद बर्ड हिट की आशंका ने यात्रियों की मुसीबत बढ़ा दी। इस पूरी अव्यवस्था के कारण करीब 80 यात्रियों ने अपनी टिकट कैंसिल करवा ली।
फ्लाइट लेट होने की असली वजह क्या थी?
मुंबई के Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport पर AI Airport Services Limited (AIASL) के कर्मचारियों ने अचानक हड़ताल कर दी थी। यह विरोध वेतन वृद्धि और 2017 से लंबित वेतन संशोधन की मांगों को लेकर था। इस हड़ताल की वजह से Air India और Air India Express की कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। भोपाल जाने वाली फ्लाइट AI 634, जिसे दोपहर 1:40 बजे लैंड करना था, वह शाम 5:35 बजे पहुंची।
भोपाल एयरपोर्ट पर क्यों बढ़ी देरी?
जब फ्लाइट भोपाल के Raja Bhoj International Airport पहुंची, तो वहां बर्ड हिट (पक्षी की टक्कर) की आशंका जताई गई। सुरक्षा नियमों के तहत विमान की पूरी जांच की गई, जिससे यात्रियों को करीब 3 घंटे और इंतजार करना पड़ा। हालांकि, भोपाल एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि जांच के बाद बर्ड हिट की कोई पुष्टि नहीं हुई थी।
यात्रियों पर क्या असर पड़ा?
फ्लाइट में कुल 161 यात्री सवार होने थे, लेकिन खराब अपडेट और लंबी देरी के कारण 80 यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी। Air India ने कुछ प्रभावित यात्रियों के लिए दिल्ली होकर दूसरे एयरलाइन से वैकल्पिक व्यवस्था की, जिससे उनका समय और पैसा दोनों ज्यादा खर्च हुए। बाद में मैनेजमेंट और यूनियन (ABKKS) के बीच लिखित समझौता होने के बाद हड़ताल खत्म हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ ने हड़ताल क्यों की थी?
कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि, 2017 से लंबित वेतन संशोधन और 5 साल पूरे कर चुके कॉन्ट्रैक्ट वर्करों को स्थायी नौकरी देने की मांग को लेकर हड़ताल की थी।
भोपाल पहुंचने के बाद फ्लाइट को और देरी क्यों हुई?
फ्लाइट के बर्ड हिट होने की आशंका थी, इसलिए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान की गहन जांच की गई, जिसमें करीब 3 घंटे का समय लगा।