Air India की लापरवाही पड़ी भारी, केरल के शख्स को 9 साल बाद मिला 1.36 लाख रुपये का मुआवजा

Kerala: केरल के एक व्यक्ति ने एयर इंडिया के खिलाफ नौ साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार जीत हासिल की। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, तिरुवनंतपुरम ने एयरलाइन को आदेश दिया कि वह पीड़ित व्यक्ति को कुल 1,36,000 रुपये का म

Kerala: केरल के एक व्यक्ति ने एयर इंडिया के खिलाफ नौ साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी और आखिरकार जीत हासिल की। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, तिरुवनंतपुरम ने एयरलाइन को आदेश दिया कि वह पीड़ित व्यक्ति को कुल 1,36,000 रुपये का मुआवजा दे। यह मामला साल 2017 में फ्लाइट देरी की वजह से शुरू हुआ था।

कोल्लम के रहने वाले 42 वर्षीय कपिलदेव सऊदी अरब में ड्राइवर का काम करते हैं। सितंबर 2017 में एयर इंडिया की फ्लाइट देरी से चलने के कारण वह मुंबई एयरपोर्ट पर फंस गए और अपनी सऊदी अरब जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट नहीं पकड़ पाए। उन्हें पूरी रात मुंबई एयरपोर्ट पर ही गुजारनी पड़ी। इस घटना के बाद उनकी पत्नी शिजी ने एयरलाइन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान एयर इंडिया ने दलील दी कि विमान देरी से आया था और उन्होंने यात्रियों से संपर्क करने की कोशिश की थी। हालांकि, आयोग ने इस बात को खारिज कर दिया क्योंकि एयरलाइन कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं कर सकी। आयोग ने इसे सेवा में कमी माना और तय किया कि अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट छूटने पर यात्रियों की मदद करना एयरलाइन की जिम्मेदारी होती है।

मुआवजे की राशि का विवरण नीचे दिया गया है:

विवरण रकम (रुपये)
आर्थिक नुकसान (टिकट का खर्च) 83,000
मानसिक परेशानी के लिए 50,000
कानूनी खर्च 3,000
कुल मुआवजा 1,36,000

कपिलदेव को जुलाई 2026 के आखिरी हफ्ते में यह रकम मिल गई। उन्होंने बताया कि उनका मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं था, बल्कि दूसरे यात्रियों को यह बताना था कि ऐसी स्थिति में वे कानूनी मदद ले सकते हैं। इस मामले में कपिलदेव की तरफ से वकील मनोज श्रीधर ने पैरवी की थी।