बुढ़ापे में सेहतमंद रहने के लिए योग है असरदार, AIIMS के डॉक्टरों ने बताया तरीका

Delhi: बढ़ती उम्र के साथ सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है। AIIMS के प्रोफेसरों ने बताया है कि अगर बुजुर्ग नियमित रूप से योग करें, तो वे एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन जी सकते हैं। इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थ

Delhi: बढ़ती उम्र के साथ सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी हो जाता है। AIIMS के प्रोफेसरों ने बताया है कि अगर बुजुर्ग नियमित रूप से योग करें, तो वे एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन जी सकते हैं। इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम भी ‘Yoga for Healthy Ageing’ रखी गई है, जिसका मकसद केवल उम्र बढ़ाना नहीं बल्कि सेहतमंद तरीके से जीना है।

AIIMS की प्रोफेसर और मीडिया प्रभारी डॉ. रीमा दादा ने कहा कि योग सिर्फ एक कसरत नहीं है, बल्कि यह जीने का एक तरीका है। उन्होंने बताया कि लगातार योग करने से शरीर की कोशिकाओं का स्वास्थ्य सुधरता है और बुढ़ापे के लक्षण कम होते हैं। इससे बुजुर्गों के शरीर में लचीलापन और संतुलन बना रहता है, जिससे उन्हें अपने रोजमर्रा के काम करने में आसानी होती है।

वहीं AIIMS दिल्ली की न्यूरोलॉजी विभाग की हेड डॉ. मंजरी त्रिपाठी ने एक जरूरी बात साझा की। उन्होंने बताया कि योग अल्जाइमर जैसी बीमारी का पूरा इलाज तो नहीं है, लेकिन शुरुआती स्टेज में यह एक मददगार थेरेपी का काम कर सकता है। AIIMS की एक रिसर्च में यह भी सामने आया कि 12 हफ्ते के योग प्रोग्राम से अल्जाइमर के मरीजों की याददाश्त में सुधार हुआ और उनका तनाव कम हुआ।

आयुष मंत्रालय ने 21 जून 2026 को मनाए जाने वाले 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए इस थीम का चुनाव किया है। इसी कड़ी में AIIMS भोपाल में भी 21 जून को एक बड़ा योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेंगे। यह पूरी पहल WHO के ‘UN Decade of Healthy Aging’ के लक्ष्यों से भी मेल खाती है, ताकि बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके।