Delhi: दिल्ली के AIIMS अस्पताल ने एक बहुत ही मुश्किल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यहां 18 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से एक साथ किडनी और पैनक्रियाज (Pancreas) ट्रांसप्लांट किया गया। यह सर्जरी हरियाणा के एक 30 सा
Delhi: दिल्ली के AIIMS अस्पताल ने एक बहुत ही मुश्किल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यहां 18 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से एक साथ किडनी और पैनक्रियाज (Pancreas) ट्रांसप्लांट किया गया। यह सर्जरी हरियाणा के एक 30 साल के युवक की जान बचाने के लिए की गई, जो टाइप 1 डायबिटीज और किडनी फेलियर से जूझ रहा था।
यह सर्जरी इतनी मुश्किल क्यों थी?
मरीज को टाइप 1 डायबिटीज की वजह से किडनी के साथ-साथ दिल, आंखों और नसों से जुड़ी गंभीर समस्याएं थीं। उसके दिल की क्षमता (Ejection Fraction) घटकर केवल 25 प्रतिशत रह गई थी, जिससे सर्जरी में जोखिम काफी बढ़ गया था। डॉक्टरों की एक बड़ी टीम ने 14 अप्रैल 2026 को यह जटिल ऑपरेशन किया।
अंग कहां से मिले और कैसे पहुंचे?
ट्रांसप्लांट के लिए अंग रोहतक के PGIMS अस्पताल के एक 51 साल के ब्रेन-डेड मरीज से लिए गए। किडनी और पैनक्रियाज को रात भर में पुलिस की मदद से ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर सुरक्षित तरीके से AIIMS दिल्ली पहुंचाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में कई राज्यों और विभागों के बीच तालमेल बिठाया गया।
मरीज की अब क्या हालत है?
सर्जरी के बाद मरीज की हालत अब स्थिर है। डॉक्टर वी के बंसल ने बताया कि मरीज का ब्लड शुगर लेवल अब सामान्य है और उसे बहुत कम इंसुलिन की जरूरत पड़ रही है। सर्जरी के बाद उसे डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ी और 16वें दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने इसे टाइप 1 डायबिटीज और किडनी फेलियर के मरीजों के लिए सबसे बेहतर इलाज बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
SPK ट्रांसप्लांट क्या होता है और इसके क्या फायदे हैं?
SPK का मतलब है Simultaneous Kidney-Pancreas transplant। इसमें किडनी और पैनक्रियाज दोनों को एक साथ बदला जाता है, जिससे मरीज की किडनी काम करने लगती है और वह इंसुलिन पर अपनी निर्भरता खत्म कर देता है।
AIIMS में यह सर्जरी कितने समय बाद हुई?
AIIMS दिल्ली में यह दुर्लभ सर्जरी 18 साल के अंतराल के बाद हुई है। इससे पहले संस्थान में साल 2004 और 2008 में इस तरह के सफल ट्रांसप्लांट किए गए थे।