Gujarat: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ी कामयाबी मिली है। अहमदाबाद के मणिनगर इलाके में चालू रेलवे ट्रैक के ऊपर सिर्फ 22 दिनों के अंदर पांच भारी पोर्टल बीम लगाए गए हैं। यह काम नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरे
Gujarat: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में एक बड़ी कामयाबी मिली है। अहमदाबाद के मणिनगर इलाके में चालू रेलवे ट्रैक के ऊपर सिर्फ 22 दिनों के अंदर पांच भारी पोर्टल बीम लगाए गए हैं। यह काम नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने भारतीय रेलवे के साथ मिलकर पूरा किया है।
बीम लगाने में कितना समय लगा और क्या थी खासियत
इन बीम को 8, 13, 19, 24 और 29 अप्रैल 2026 को अलग-अलग चरणों में लगाया गया। पहले इस काम में 9 घंटे लगने का अनुमान था, लेकिन बेहतर प्लानिंग की वजह से हर बीम को लगाने में सिर्फ 3.5 घंटे का समय लगा। यह काम अहमदाबाद-वडोदरा रूट के व्यस्त ट्रैक पर किया गया, जहां ट्रेनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।
बीम का वजन और इस्तेमाल हुई मशीनरी
| विवरण |
जानकारी |
| कुल बीम की संख्या |
5 |
| बीम का वजन |
1,170 से 1,360 मीट्रिक टन |
| सबसे भारी बीम |
1,360 मीट्रिक टन (8 अप्रैल को लगाया गया) |
| बीम की लंबाई |
34 मीटर |
| बीम का साइज |
5.5 मीटर x 4.5 मीटर |
| इस्तेमाल की गई क्रेन |
2,200 मीट्रिक टन क्षमता वाली क्रॉलर क्रेन |
इस काम में क्या चुनौतियां आईं
यह प्रोजेक्ट काफी मुश्किल था क्योंकि काम के दौरान जगह की कमी थी और ऊपर बिजली की तारें (OHE) लगी थीं। साथ ही, ट्रेनों की आवाजाही को बिना रोके यह काम करना था। NHSRCL के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के कड़े नियमों और लगातार निगरानी की वजह से यह काम बिना किसी रुकावट के पूरा हुआ। ये बीम बुलेट ट्रेन के ऊंचे ट्रैक को मजबूती देंगे ताकि पटरी का अलाइनमेंट एकदम सही रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बुलेट ट्रेन के इन बीम को लगाने में कितनी देर लगी?
प्लानिंग की वजह से हर बीम को लगाने में लगभग 3.5 घंटे का समय लगा, जबकि पहले इसके लिए 9 घंटे का अनुमान लगाया गया था।
सबसे भारी बीम का वजन कितना था और इसे कब लगाया गया?
सबसे भारी बीम का वजन लगभग 1,360 मीट्रिक टन था, जिसे 8 अप्रैल 2026 को इंस्टॉल किया गया था।