Bihar: सुल्तानगंज और अगवानी को जोड़ने वाले पुल का निर्माण पिछले कई सालों से चर्चा में है। सरकार ने अब इस पुल को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने खुद मौके
Bihar: सुल्तानगंज और अगवानी को जोड़ने वाले पुल का निर्माण पिछले कई सालों से चर्चा में है। सरकार ने अब इस पुल को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने खुद मौके पर जाकर काम का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम खत्म करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पुल के डिजाइन में क्या बदलाव हुए हैं
तकनीकी टीम की जांच में पाया गया कि पिलर संख्या 2 से 5 के बीच की दूरी सामान्य से ज्यादा थी। इससे पुल की मजबूती पर असर पड़ सकता था, इसलिए अब यहां तीन अतिरिक्त पिलर लगाने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पिलर संख्या 10, 11 और 12 के वेलकैप को काटकर फिर से बनाया जा रहा है। आईआईटी रुड़की ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए तकनीकी सलाह दी है ताकि पुल की गुणवत्ता बनी रहे।
निर्माण की वर्तमान स्थिति और लागत क्या है
इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1710 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण SP Singla Construction कंपनी द्वारा किया जा रहा है। पुल की एप्रोच रोड का काम आखिरी दौर में है और इसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण स्थल पर वास्तु दोष दूर करने के लिए चंडी पाठ और रुद्राभिषेक जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए हैं।
कंपनी पर कार्रवाई और कोर्ट का आदेश
निर्माण में देरी और खामियों को लेकर विवाद रहा है। मार्च 2025 में उपमुख्यमंत्री ने SP Singla कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही थी, हालांकि बाद में कंपनी को सरकारी निविदाओं में हिस्सा लेने की अनुमति मिली। पटना हाईकोर्ट ने भी इस मामले में सरकार से रिपोर्ट मांगी थी और कंपनी को अपने खर्च पर क्षतिग्रस्त हिस्सों को फिर से बनाने का आदेश दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अगवानी-सुल्तानगंज पुल कब तक बनकर तैयार होगा?
सरकार और संबंधित अधिकारियों के अनुसार, इस पुल को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पुल के निर्माण में देरी और डिजाइन बदलने का क्या कारण है?
पिलरों के बीच अधिक दूरी होने के कारण मजबूती के लिए तीन अतिरिक्त पिलर जोड़े जा रहे हैं और कुछ पिलरों के वेलकैप का पुनर्निर्माण किया जा रहा है।