Agra में छात्रों की सुरक्षा के लिए निकली बाइक रैली, लखनऊ अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी की मांग

Agra: लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग और 15 छात्रों की मौत के बाद अब आगरा में भी सुरक्षा को लेकर माहौल गरमा गया है। रविवार शाम 3 बजे राष्ट्रीय लोक दल (RLD) युवा मोर्चा ने छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्था

Agra: लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग और 15 छात्रों की मौत के बाद अब आगरा में भी सुरक्षा को लेकर माहौल गरमा गया है। रविवार शाम 3 बजे राष्ट्रीय लोक दल (RLD) युवा मोर्चा ने छात्रों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी के सख्त नियमों की मांग को लेकर एक विशाल बाइक रैली निकाली। यह रैली आगरा-ग्वालियर रोड स्थित जखोदा के गोविंद रिजॉर्ट से शुरू होकर प्रतापपुरा तक पहुंची।

इस रैली के जरिए यह मांग उठाई गई कि कोचिंग संस्थानों में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि भविष्य में लखनऊ जैसी दुखद घटना न हो। लखनऊ अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसमेंट में कोचिंग सेंटर चलाने और किसी भी व्यावसायिक गतिविधि पर सख्त पाबंदी लगा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि फायर सेफ्टी और आपदा प्रबंधन के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।

आगरा में भी दमकल विभाग ने जांच तेज कर दी है और कई संस्थानों में गंभीर खामियां पाई गई हैं। शहर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आगरा में केवल पांच से छह कोचिंग सेंटरों के पास ही फायर एनओसी (NOC) है। प्रशासन ने तय किया है कि जुलाई महीने में सभी कोचिंग संस्थानों की दोबारा जांच होगी। इसमें फायर एग्जिट, पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के कागजात देखे जाएंगे और लापरवाही मिलने पर सेंटरों को तुरंत सील कर दिया जाएगा।

हाल ही में 23 जून को आगरा के भगवान टॉकीज इलाके की एक बिल्डिंग में शॉर्ट सर्किट से धुआं उठने पर काफी हड़कंप मचा था, हालांकि वहां छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस बीच, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा है कि विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर हुई है, जिसमें देशभर के सार्वजनिक भवनों के लिए एक समान ‘राष्ट्रीय न्यूनतम फायर और जीवन-सुरक्षा फ्रेमवर्क’ लागू करने की मांग की गई है।

विशेषज्ञों ने अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी है कि वे किसी भी कोचिंग में दाखिला लेने से पहले वहां इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी इंतजाम, बिल्डिंग की वैधता और भीड़भाड़ जैसी चीजों की अच्छे से जांच कर लें।