दुनिया में 24 घंटे गूंजती है अज़ान, एक टाइम ज़ोन में खत्म होती है तो दूसरे में शुरू हो जाती है

World : दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में समय का अंतर होने की वजह से एक अनोखी घटना होती है। इस्लामिक प्रार्थना के लिए दी जाने वाली अज़ान पृथ्वी पर 24 घंटे लगातार सुनाई देती है। जब एक टाइम ज़ोन में अज़ान खत्म होती है, तो उसी

World : दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में समय का अंतर होने की वजह से एक अनोखी घटना होती है। इस्लामिक प्रार्थना के लिए दी जाने वाली अज़ान पृथ्वी पर 24 घंटे लगातार सुनाई देती है। जब एक टाइम ज़ोन में अज़ान खत्म होती है, तो उसी समय दूसरे टाइम ज़ोन में इसकी शुरुआत हो जाती है।

यह सिलसिला सूरज की स्थिति के आधार पर चलता है। मुस्लिम समुदाय में पांच वक्त की नमाज (फज्र, ज़ुहर, असर, मग़रिब और ईशा) का समय सूरज की चाल से तय होता है। इस भौगोलिक बनावट के कारण अज़ान का यह चक्र कभी नहीं रुकता। यह प्रक्रिया आमतौर पर इंडोनेशिया जैसे पूर्वी देशों से शुरू होकर एशिया, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका से होते हुए अमेरिका तक पहुंचती है और फिर दोबारा शुरू हो जाती है।

कुरान के अनुसार मोमिनों के लिए नमाज का समय तय है। इन प्रार्थनाओं के समय की गणना खगोलीय तरीकों से की जाती है। दुनिया भर की मस्जिदों में मुअज़्ज़िन द्वारा अज़ान दी जाती है। हालांकि इसे मैनेज करने वाली कोई एक केंद्रीय संस्था नहीं है, लेकिन Muslim Pro और Athan Pro जैसे ऐप्स और Albalagh.com जैसी वेबसाइट्स लोगों को उनके शहर के हिसाब से सही समय बताने में मदद करती हैं।

इसी बीच अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में एक बड़ा बदलाव देखा गया। अप्रैल 2023 में यह शहर अपने शोर-शराबे से जुड़े नियमों (noise ordinance) में बदलाव करने वाला पहला बड़ा अमेरिकी शहर बना। अब वहां साल भर पांच बार लाउडस्पीकर पर अज़ान देने की अनुमति है, जिसमें सुबह जल्दी और देर शाम की अज़ान भी शामिल है जो पहले प्रतिबंधित थी।