Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव वेस्ट में स्थित मोतीलाल नगर 1, 2 और 3 का चेहरा अब पूरी तरह बदलने वाला है। MHADA ने इस इलाके के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान जारी कर दिया है, जिसमें Adani Group करीब 1 लाख करोड़ रुपये का न
Maharashtra: मुंबई के गोरेगांव वेस्ट में स्थित मोतीलाल नगर 1, 2 और 3 का चेहरा अब पूरी तरह बदलने वाला है। MHADA ने इस इलाके के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान जारी कर दिया है, जिसमें Adani Group करीब 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस प्रोजेक्ट से न केवल हजारों परिवारों को नए और बेहतर घर मिलेंगे, बल्कि इलाके में आधुनिक सुविधाएं भी विकसित होंगी।
प्रोजेक्ट में किसे क्या मिलेगा और क्या होंगी सुविधाएं?
इस पुनर्विकास योजना के तहत पात्र आवासीय लाभार्थियों को 1,600 वर्ग फुट के मुफ्त पुनर्वास घर दिए जाएंगे। वहीं, व्यावसायिक दुकानदारों और झुग्गीवासियों के लिए 300 वर्ग फुट के यूनिट्स का प्रावधान है। पूरा प्रोजेक्ट ’15-minute city’ के कॉन्सेप्ट पर आधारित होगा, जिसमें बुनियादी जरूरतें पैदल दूरी पर मिलेंगी।
- 15 एकड़ का हरा-भरा क्षेत्र (Green Space)
- अंडरग्राउंड पार्किंग और स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और रेनवाटर हार्वेस्टिंग
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सड़कें
Adani Group और MHADA के बीच क्या हुआ समझौता?
जुलाई 2025 में MHADA और Adani Properties के बीच निर्माण और विकास (C&DA) समझौता हुआ था। इस प्रोजेक्ट में Adani Group को 17 लाख वर्ग मीटर का क्षेत्र बिक्री (sale) के लिए मिलेगा। यह पूरा निवेश अगले 10 से 15 सालों में किया जाएगा। खास बात यह है कि जमीन का मालिकाना हक MHADA के पास ही रहेगा, जिससे डेवलपर जमीन को गिरवी नहीं रख पाएगा।
प्रोजेक्ट की समयसीमा और कानूनी स्थिति क्या है?
MHADA के उपाध्यक्ष और CEO संजीव जायसवाल ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। प्रोजेक्ट के लिए ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट मिलने के बाद इसे पूरा करने का लक्ष्य सात साल रखा गया है। इस प्रोजेक्ट को लेकर कुछ निवासियों ने कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए इसे मंजूरी दे दी है। मास्टर प्लान तैयार करने में डच फर्म Mecanoo और ब्रिटेन की Buro Happold जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की मदद ली गई है।