Abu Dhabi में समुद्री नियमों को किया सख्त, गलती करने पर लगेगा 30,000 दिरहम तक का जुर्माना
World : अबू धाबी ने अपने समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। अब समुद्र में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए एक नया
World : अबू धाबी ने अपने समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। अब समुद्र में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए एक नया AI-पावर्ड कंट्रोल सेंटर भी शुरू किया है, जो दिन-रात समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखेगा ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और पर्यावरण की रक्षा हो सके।
डिपार्टमेंट ऑफ म्युनिसिपैलिटीज एंड ट्रांसपोर्ट (DMT) ने 11 जुलाई 2025 को समुद्री सुरक्षा के लिए नए नियम लागू किए थे। इसके बाद जुलाई 2026 में अबू धाबी मैरीटाइम ने इन नियमों और जुर्माने के बारे में लोगों को सख्त चेतावनी दी। सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए 21 से 27 जुलाई 2026 के बीच AI-पावर्ड वॉटरवेज मॉनिटरिंग एंड कंट्रोल सेंटर को एक्टिव किया गया। यह सेंटर सादियात आइलैंड पर स्थित है और 45,000 वर्ग किलोमीटर के समुद्री इलाके और करीब 3,600 नावों की निगरानी करेगा।
नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि 500 दिरहम से लेकर 30,000 दिरहम तक तय की गई है। सबसे ज्यादा जुर्माना उन लोगों पर लगेगा जो बिना परमिट के समुद्र में निर्माण कार्य करेंगे।
| उल्लंघन का प्रकार | जुर्माना (दिरहम में) |
|---|---|
| बिना परमिट समुद्री निर्माण या काम करना | 30,000 |
| गंदगी, तेल या सीवेज फैलाना या बिना मंजूरी जहाज साफ करना | 20,000 |
| बिना अनुमति समुद्री बुआय या मार्कर लगाना या हटाना | 15,000 |
| बिना लाइसेंस गतिविधि करना, नशे में जहाज चलाना या सामान/ईंधन ट्रांसफर करना | 10,000 |
| लापरवाही से हादसा करना, मदद न करना या इंस्पेक्टर को रोकना | 5,000 |
| जहाज खराब होने पर सुरक्षा उपाय न करना | 1,000 |
| लाइफ जैकेट न पहनना | 500 |
इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सेंटर के एक्टिंग डायरेक्टर जनरल डॉ. अब्दुल्ला हमद अलघफेली ने बताया कि इन नियमों का मकसद समुद्री संचालन को बेहतर बनाना और पर्यावरण को बचाना है। वहीं अबू धाबी मैरीटाइम के सीईओ कैप्टन सैफ अल महेरी ने कहा कि नया कंट्रोल सेंटर रियल-टाइम डेटा और स्मार्ट तकनीक की मदद से निगरानी करेगा। इस सिस्टम में 16 रडार स्टेशन, 29 CCTV कैमरे और 400 से ज्यादा अन्य कैमरे लगाए गए हैं। सुरक्षा जांच के लिए निशान सिक्योरिटी सर्विसेज की चार नई पेट्रोल बोट्स भी तैनात की गई हैं।