Delhi: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष Saurabh Bhardwaj कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में 3 साल की बच्ची के साथ हुए यौन शोषण मामले में बच्ची की पहच
Delhi: आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष Saurabh Bhardwaj कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके के एक प्राइवेट स्कूल में 3 साल की बच्ची के साथ हुए यौन शोषण मामले में बच्ची की पहचान उजागर करने के आरोप में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह मामला अब काफी गरमा गया है क्योंकि इसमें कानूनी धाराओं का उल्लंघन होने की बात सामने आई है।
Saurabh Bhardwaj पर किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
जनकपुरी पुलिस स्टेशन में 2 जून 2026 को यह मामला दर्ज किया गया। Saurabh Bhardwaj पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 72, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 और POCSO एक्ट की धारा 23(4) के तहत केस दर्ज हुआ है। कानून के मुताबिक किसी भी नाबालिग पीड़ित की पहचान, नाम या पता सार्वजनिक करना अपराध है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ऐसे मामलों में पीड़ित की गोपनीयता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।
पूरा मामला क्या है और विवाद क्यों बढ़ा?
यह पूरा घटनाक्रम 30 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ जब स्कूल में यौन शोषण की घटना हुई। पुलिस ने इस मामले में एक 57 साल के केयरटेकर और एक टीचर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि 11 मई 2026 को Saurabh Bhardwaj ने फेसबुक और सोशल मीडिया के जरिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने बच्ची की पहचान उजागर कर दी। इसके बाद एडवोकेट Praveen Narayan ने 12 मई को पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
Saurabh Bhardwaj और अन्य पक्षों का क्या कहना है?
Saurabh Bhardwaj ने X (ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने उनके खिलाफ एक और FIR दर्ज की है क्योंकि उन्होंने स्कूल का नाम बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित बच्ची की मां ने पुलिस अधिकारियों द्वारा परिवार को डराने-धमकाने की बात कही थी। वहीं, बीजेपी नेता Parvesh Verma ने इस मामले को लेकर उन पर मानहानि का मुकदमा भी किया है, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Saurabh Bhardwaj पर FIR क्यों दर्ज की गई?
उन पर पश्चिम दिल्ली के एक स्कूल में यौन शोषण की शिकार 3 साल की बच्ची की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप है, जो POCSO और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत अपराध है।
इस मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
2 जून 2026 को जनकपुरी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है और साथ ही Parvesh Verma द्वारा दायर मानहानि मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया है।