Finance: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकें शुरू हो गई हैं। 28 से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाली इन बैठकों में सैलरी बढ़ोतरी, भत्ते और
Finance: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकें शुरू हो गई हैं। 28 से 30 अप्रैल 2026 तक चलने वाली इन बैठकों में सैलरी बढ़ोतरी, भत्ते और फिटमेंट फैक्टर जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। इस आयोग का मुख्य काम कर्मचारियों की वेतन संरचना की समीक्षा करना और नई सिफारिशें देना है।
8वें वेतन आयोग की बैठकें और समय सीमा क्या है?
दिल्ली में 28 से 30 अप्रैल 2026 तक कर्मचारी यूनियनों और संघों के साथ चर्चा चल रही है। इसके बाद आयोग की टीम 4 और 5 मई को पुणे जाएगी और आने वाले समय में मुंबई सहित अन्य राज्यों का दौरा करेगी। सरकार ने 3 नवंबर 2025 को गजट अधिसूचना के जरिए इस आयोग का गठन किया था। उम्मीद है कि आयोग अपनी रिपोर्ट मई 2027 तक सौंप देगा और इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं।
कर्मचारी संगठनों ने क्या मांगें रखी हैं?
बैठकों के दौरान विभिन्न कर्मचारी संघों ने अपनी मांगें रखी हैं, जिनमें न्यूनतम वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी मुख्य है। इन मांगों का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| विवरण |
वर्तमान/प्रस्तावित मांग |
| न्यूनतम मूल वेतन |
₹18,000 से बढ़ाकर ₹50,000 से ₹72,000 तक |
| फिटमेंट फैक्टर |
3.833 गुना करने की मांग |
| वार्षिक वेतन वृद्धि |
3% से बढ़ाकर 6% करने का प्रस्ताव |
| HRA (मकान किराया भत्ता) |
X, Y, Z शहरों के लिए 40%, 35%, 30% तक |
| पेंशन योजना |
पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली |
आयोग में कौन लोग शामिल हैं और वर्तमान स्थिति क्या है?
इस आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। उनके साथ अर्थशास्त्री प्रोफेसर पुलक घोष और पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज जैन सदस्य के रूप में शामिल हैं। फिलहाल आयोग परामर्श के शुरुआती चरण में है और अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। NC-JCM ने सुझाव और ज्ञापन जमा करने की तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई 2026 करने का अनुरोध किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें कब से लागू हो सकती हैं?
आयोग की सिफारिशें संभावित रूप से 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकती हैं, जबकि आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक जमा करनी है।
कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन की क्या मांग की है?
विभिन्न कर्मचारी संघों ने न्यूनतम मूल वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹50,000 से ₹72,000 के बीच करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.833 गुना करने की मांग की है।