भागलपुर के चुनावी माहौल में बुलो मंडल के ऊपर में भागलपुर की जनता लगातार हावी होती जा रही है,  ऑनलाइन पोल सोशल मीडिया पर लगातार बुलो मंडल की खिंचाई जारी है, कहीं पर मामला ताबड़तोड़ शिलान्यास तो कहीं पर मामला भागलपुर को पिछले 5 साल में सूचना देने का रहा है.  लेकिन अभी जो मामला है वह काफी अलग है और खुद उनके खेमे से निकला हुआ है.

 

भागलपुर सांसद से नाराज एक जनप्रतिनिधि ने उनकी एक कंप्लेंट तेजस्वी यादव और राजद कार्यालय में किया है जिसके  बाद मामला और गंभीर हो गया है. कार्यकर्ता कुछ इस प्रकार बुलो मंडल के ऊपर आरोप लगाए हैं.

 

1: भागलपुर के सांसद महोदय से जनता काफी नाराज है.

 

उक्त आरोप पत्र में जनप्रतिनिधि ने लिखा कि भागलपुर सांसद ने भागलपुर के जनता के साथ काफी अनदेखी किया है जिसके वजह से भागलपुर की जनता इस बार बुलो मंडल के मूड में नहीं है और ना ही किसी भी तरीके से उन्हें बर्दाश्त करने की हालत में दिखाई दे रही है,  जिसमें मुख्य रूप से भागलपुर के लिए कोई भी प्रयास उनके 5 साल में ना ही निकाल कर बाहर आए ना ही कोई उनके प्रयास सच मामलों में किए गए, जैसे कि सृजन घोटाला से लेकर स्मार्ट सिटी तक किसी भी मुद्दे पर बुलो मंडल खुलकर भागलपुर की बात नहीं रख पाए.

 

 

2:  राजद बुलो मंडल के जगह किसी और को लड़ाय

 

जनप्रतिनिधि ने अपने पत्र में कहा की वर्तमान सांसद बुलो मंडल जीतने की स्थिति में बिल्कुल भी नहीं है जिसका श्रेय उनके 5 साल की अनदेखीपन है. और ना ही इन्होंने राजद के लिए जमीनी स्तर पर कोई कार्य किया है, जनता नाराज है और कहीं ना कहीं राजद कार्यकर्ता भी नकारे पन के वजह से बुलो मंडल के साथ खड़े नहीं होने के मूड में हो सकते हैं.

 

3:  आम जनता के लिए सुलभ नहीं है वर्तमान सांसद

 

उसी पत्र में तीसरी टिप्पणी देते हुए कहा  कि राजद हमेशा जनता को अपने परिवार की तरह रखता है बुलो मंडल इस स्टैंड पर भी हमेशा फ़ेल रहे हैं पहले साडे 4 साल  बुलो मंडल ने अपनी तस्वीर तक भागलपुर की आम जनता के साथ नहीं दिखाई जिसमें परिस्थितियां विषम से विषम रही मुख्य रूप से बाढो के दौरान जिसके वजह से जनता में काफी नाराजगी पहले से ही भरी हुई है,  और राजद के वसूलो के खिलाफ भी हैं.

 

4: यादवो  को पूरी तरीके से दरकिनार करते हैं.

 

बुलो मंडल यादव समाज के किसी भी सामाजिक कार्य में नहीं जाते हैं जिसके वजह से यादव समाज में बुला मंडल के खिलाफ केवल और केवल नाराजगी है और साथ ही वह केवल अपने जातियों के लिए कार्य कर रहे हैं  जिसमें मुख्य रूप से गंगोता है.

 

अंत में जनप्रतिनिधि ने कहा कि अभी भी वक्त है राजद को दूसरा विकल्प भागलपुर में जरूर ढूंढना चाहिए अगर थोड़ी भी लाज बचानी है तो क्योंकि भागलपुर में बुलो मंडल का चुनाव में आना हर प्रकार से जानते हुए बिना लड़े हारने की प्रक्रिया के जैसा है.