नई दिल्ली से चलकर भागलपुर जा रही साप्ताहिक एक्सप्रेस में बुधवार की देर रात तीन दर्जन से ज्यादा सशस्त्र डकैतों ने डकैती की बहुत बड़ी वारदात को अंजाम दिया. किउल जमालपुर रेलखंड पर ट्रेन में तीस लाख से अधिक की संपत्ति लूट ली गई. नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण पुलिस को वहां पहुंचने में घंटों विलंब हुआ. घटना से नाराज रेल यात्रियों ने जमालपुर स्टेशन पर खूब हंगामा किया.

 

धनौरी स्टेशन के पास ट्रेन रोक भीषण डकैती

धनौरी-उरैन के बीच पवई हॉल्ट-दैताबांध के पास दर्जनों यात्रियों से जमकर लूटपाट की. डकैतों ने महिलाओं के जेवर उतरवा लिए. दर्जनों मोबाइल, नकद सहित करीब 30 लाख की लूट की. इस दौरान विरोध करने पर करीब आधा दर्जन यात्रियों को चाकू मारकर घायल कर दिया. दो यात्रियों को गोली भी मारी गई. पीडि़त में ज्यादातर यात्री, जमालपुर, मुंगेर, सुल्तानंगज और भागलपुर के हैं. जमालपुर रेल थाना में यात्रियों ने प्राथमिकी दर्ज कराई गई. ट्रेन में सफर कर रहे यात्री आयुष, मु. अब्दुल और सुभाष चौरसिया ने बताया कि ट्रेन तीन घंटे लेट चल रही थी.

 

 

रात 9.11 बजे किऊल स्टेशन से खुलकर धनौरी पहुंची थी कि ट्रेन वैक्यूम कर रोक दिया गया. यात्री जबतक कुछ समझते आठ से दस की संख्या में बदमाश हथियार और चाकू के साथ दस की संख्या में लोग एसी के अलावा कोच संख्या एस-8 और एस-10 में घुस गए. थोड़ी ही देर बाद पवई हॉल्ट-दैताबांध के बीच ट्रेन को फिर से वैक्यूम कर रोक दिया गया. दोनों कोच में लूटपाट करना शुरू कर दिया. यात्रियों ने विरोध किया तो मारपीट की और चाकू से मारकर घायल कर दिया. इसके बाद डकैत थ्री एसी कोच बी-2 में घुस गए और लूटपाट करना शुरू कर दिया. इसी ट्रेन से भागलपुर आ रही संजू झा से सोने की चेन कई यात्रियों से नकदी और मोबाइल लूट लिए. यहां के बाद यात्री दूसरे एसी कोच में गए, जहां भी लूटपाट की.

 

ढ़ाई घंटे तक होती रही डकैती, नहीं पहुंची पुलिस 

साप्ताहिक एक्सप्रेस में रात 9.27 से डकैतों ने लूटपाट करना शुरू कर दिया. करीब 2.28 घंटे तक डकैत करते रहे स्लीपर से लेकर एसी बोगियों में लूटपाट करते रहे लेकिन न रेल पुलिस पहुंची और न ही जिले की पुलिस. करीब 10.54 बजे ट्रेन पुलिस अभिरक्षा में रवाना हुई. ट्रेन में यात्रियों के साथ डकैत करीब ढ़ाई घंटे तक लूटपाट करते रहे। यात्री चीखते-चिल्लाते रहे. फिर भी डकैतों का कलेजा नहीं पसीजा. ट्रेन के वैक्यूम ठीक करने जा रहे चालक को भी कब्जे में ले लिया. देतावांध के किलो मीटर 39700 समीप हुई घटना के बाद लोग काफी डरे सहमे रहे.

 

नक्सली की सूचना पर डरी पुलिस, घंटों बाद पहुंची

दरअसल रेल और जिले पुलिस को ट्रेन में नक्सली हमले की सूचना मिली थी. इस कारण कजरा और स्थानीय पुलिस नहीं गई. बाद में मुख्यालय से विशेष बल जाने के बाद पुलिस पहुंची. इसके बाद ट्रेन को अपनी सुरक्षा में लेकर घटनास्थल से जमालपुर के लिए लेकर रवाना हुए.10.38 बजे जमालपुर से जीआरपी और रेल पुलिस के जवान रवाना हुए.

 

पीडि़तों में ज्यादातर यात्री, जमालपुर, मुंगेर, सुल्तानंगज और भागलपुर के हैं। जमालपुर रेल थाना में यात्रियों ने प्राथमिकी दर्ज कराई गई। ट्रेन में सफर कर रहे यात्री आयुष, मु. अब्दुल और सुभाष चौरसिया ने बताया कि ट्रेन तीन घंटे लेट चल रही थी। रात 9.11 बजे किऊल स्टेशन से खुलकर धनौरी पहुंची थी कि वैक्यूम कर ट्रेन को रोक दिया गया। यात्री जब तक कुछ समझते, 8 से 10 की संख्या में बदमाश हथियार और चाकू के साथ कोच संख्या एस-8 और एस-10 में घुस गए। थोड़ी ही देर बाद पवई हॉल्ट-दैताबांध के बीच ट्रेन को फिर से वैक्यूम कर रोक दिया गया। दोनों कोच में लूटपाट करना शुरू कर दिया।