अरब देश कतर में अपने पति के साथ रह रही बहन ने मरने से पहले अपने भाई से जान बचाने की गुहार लगाई। व्हाट्स के जरिये सिसकियां लेते हुए भरी हुई आवाज़ में कहा कि भैया मुझे किसी तरह से बचा लोग मेरा पति मुझे मार देगा. जबतक उसका भाई भारत से बचाने के लिए कतर पहुंचता तबतक वह दुनिया को छोड़ चुकी थी. क्योंकि अगले ही दिन फोन भाई यह कहा गया कि आपकी बहन ने कतर में सुसाइड कर लिया है. यह खबर सुनकर मृतिका के घर में कोहराम मच गया.

महिला भारत में ग्वालियर की रहने वाली थी. उसकी शादी छतरपुर के चेतगिरी कॉलोनी में रहने वाले रविंद्र बघेल नामक युवक से चार साल पहले हुई थी. रविंद्र कतर एयरवेज में इंजीनियर के पद पर पोस्टेड था और वहीं रहता था. ममता भी शादी के बाद पति के साथ कतर चली गई थी. उसकी मृत्यु के खबर से हर कोई हैरान है, जब उसकी लाश छतरपुर पहुंची से तो बवाल मच गया. ग्वालियर से महिला के मायके पक्ष के सैकड़ों लोग आ गए थे और शव मायके ही ले जाने की जिद पर अड़े रहे. इस बीच उन लोगों कि पुलिस से भी छिना झपटी हुई. बढ़ते हुए विवाद को देखकर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था. देर शाम तक चले ड्रामे के बाद पुलिस-प्रशासन ने मायके पक्ष के सुपुर्द शव कर दिया.

गौरतलब है कि छतरपुर के चेतगिरी कॉलोनी निवासी रिटायर्ड स्टेनो (कृषि विभाग) के. एस. बघेल के बेटे रविंद्र बघेल की शादी ग्वालियर के रामेश्वर बघेल की बहन ममता के साथ 27 नवंबर 2015 को हुई थी। रविंद्र कतर एयरवेज में इंजीनियर के पद पर पोस्टेड था और वहीं रहता था। ममता भी उसके साथ रहती थी।

ममता के भाई रामेश्वर ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद वह भी कतर चली गई. करीब एक साल बाद वह उसे परेशान करने लगा. उससे मारपीट करता. पंद्रह दिन पहले ममता ने वाट्सएप पर वॉइस मैसेज भेजा, जिसमें उसने कहा- रविंद्र उसके साथ मारपीट करता है. उसे बचा लें, नहीं तो उसे मार देगा. रामेश्वर ने उसे कॉल किया तो कॉल नहीं उठाया. 27 दिसंबर को उसकी मौत हो गई. 29 दिसंबर को रविंद्र के छोटे भाई शैलेंद्र ने फोन कर कहा- तुम्हारी बहन की मौत हो गई है. मौत का कारण पूछा तो बताया कि दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली.

मैसेज में कहा था…

ममता ने अपने भाई को जो मैसेज भेजा, उसमें वह बोल रही है- भैया मोबाइल पर मेरी रिकॉर्डिंग की जाती है. मेरे साथ मारपीट होती है. बचा लें, नहीं तो मेरा पति मुझे जान से मार देगा. वहीं शव ले जाने के पूर्व पुलिस ने दोनों पक्षों को आपसी समझौते के साथ अंतिम संस्कार की बात कही. तो दोनों ही पक्ष घर के सामने बैठे और चर्चा करने लगे. इसी बीच ग्वालियर से आए हुए मायके पक्ष के लोगों ने ममता द्वारा भेजी गई वाइस रिकॉर्डिंग सुनाई.